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Sunday, August 31, 2025

कोई हमारे देश में आतंकवाद को बढ़ावा देगा तो परिणाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से अधिक गंभीर होंगे:ओम बिरला

Newsकोई हमारे देश में आतंकवाद को बढ़ावा देगा तो परिणाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से अधिक गंभीर होंगे:ओम बिरला

(तस्वीरों के साथ)

रांची/जमशेदपुर (झारखंड), 25 मई (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कहा कि अगर कोई भारतीय जमीन पर आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो उसके लिए ‘‘ऑपरेशन सिंदूर से भी अधिक गंभीर परिणाम होंगे।’’

सीमा पार के लक्ष्यों को दक्षतापूर्ण तरीके से तबाह करने के लिए भारतीय सेना की वीरता और साहस की प्रशंसा करते हुए बिरला ने कहा कि भारत न केवल अपनी रक्षा करेगा बल्कि आतंकवाद का सफाया करने के लिए नई नीतियों और कार्यक्रमों को भी लागू करेगा।

जमशेदपुर में ‘सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ (एससीसीआई) के कौस्तुभ जयंती (75वीं सालगिरह) समारोह के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से दुनिया में कहीं भी आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ने का आह्वान किया है ताकि इस खतरे को खत्म किया जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सेना ने यह साबित कर दिया है कि अगर कोई देश हमारे क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो उसके परिणाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से भी अधिक गंभीर होंगे।’’

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना की सफलता के लिए स्वदेशी रक्षा उद्योग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत पहले तकनीक, उद्यमिता और कौशल की कमी के कारण रक्षा उपकरण आयात करता था, लेकिन पिछले एक दशक में देश धीरे-धीरे न केवल आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि रक्षा उपकरणों के निर्यात में भी विश्व में अग्रणी बनने की कगार पर है।

बिरला ने कहा, ‘‘मोदीजी ने घरेलू उद्योगों को नई दिशा दी है। उन्होंने आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता पर बल दिया है।’’

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मौजूदा प्रतिस्पर्धी विश्व परिदृश्य के बावजूद भारत अवसरों की भूमि है। उन्होंने कहा कि देश में अपनी बौद्धिक क्षमता और नवीन विचारों, प्रौद्योगिकी और युवा एवं कुशल मानव संसाधनों के साथ दुनिया का नेतृत्व करने की पर्याप्त क्षमता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास क्षमता और युवा एवं कुशल मानव संसाधन हैं, जिसकी दुनिया में कमी है।‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘जापान और रूस जैसे विकसित देश यह मानकर हमारे देश में आते हैं कि भारत के पास विशाल बौद्धिक ज्ञान और नवीन विचार हैं।’’

उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े उद्योग भारत की ओर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उचित सुधार लाने और उद्योग-अनुकूल नीतियों को लागू करने के लिए प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम तेजी से बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए उद्योग-अनुकूल नीतियों को बनाना जारी रखते हैं, तो देश का सामाजिक-आर्थिक विकास गति पकड़ेगा।’’

विकसित देशों में प्रगति का श्रेय भारतीय प्रतिभा को देते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल प्रौद्योगिकी, सेवा और पेशेवर क्षेत्रों में बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया है, जबकि कई वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भारतीय हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास नेतृत्व करने की पर्याप्त क्षमता है, लेकिन हमें अपनी क्षमता का अधिकतम उपयोग करने की आवश्यकता है… भारत अवसरों की भूमि है और यहां तेजी से विकास की संभावनाएं हैं। साथ ही, यदि हम विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हैं, तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।’’

बिरला ने अब तक दोहन नहीं किए गए क्षेत्रों का लाभ उठाने के लिए आईआईटी और आईआईएम को अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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जमशेदपुर के वन क्षेत्र में एक सदी पहले देश का पहला इस्पात संयंत्र स्थापित करने के लिए टाटा स्टील के संस्थापक जे एन टाटा की सराहना करते हुए बिरला ने कहा कि उन्होंने न केवल एक इस्पात संयंत्र स्थापित किया, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास भी सुनिश्चित किया।

इस अवसर पर बिरला के अलावा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और भाजपा सांसद विद्युत बरन महतो भी मौजूद थे।

बिरला दिन में इसके पहले दो दिवसीय झारखंड दौरे के तहत रांची पहुंचे और और पुरानी सेंट्रल जेल स्थित बिरसा मुंडा स्मारक पार्क सह स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय में आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की 25 फुट ऊंची प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। बिरसा मुंडा ने नौ जून, 1900 को यहीं अंतिम सांस ली थी।

बिरला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘यह देश के लिए भगवान बिरसा के बलिदान को दर्शाता है। उलगुलान के प्रणेता, धरती आबा भगवान बिरसा का जीवन प्रेरणा का स्रोत है।’

झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सुबह रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर बिरला का स्वागत किया।

बिरला ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं बिरसा मुंडा की धरती को नमन करता हूं। यह वीरता, आदिवासी संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं की धरती है। झारखंड अपने आदिवासी समुदायों की संस्कृति को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यह धरती हम सभी के लिए प्रेरणा है।’’ बिरला सोमवार को नयी दिल्ली लौटेंगे।

भाषा

संतोष धीरज

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धीरज

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