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Saturday, August 30, 2025

नियमों का उल्लंघन: एनजीटी ने केंद्र को नोटिस जारी किया

Newsनियमों का उल्लंघन: एनजीटी ने केंद्र को नोटिस जारी किया

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त अनुपालन के संबंध में केंद्र से जवाब मांगा है।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील की दलीलों पर गौर किया कि अक्टूबर 2021 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 25 ऐसे निर्माताओं को कुछ निर्देश जारी किए थे, जिनमें पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने तक तुरंत परिचालन बंद करना शामिल था, जिनका पालन नहीं किया गया।

पीठ ने 30 मई के अपने आदेश में कहा कि वकील अनुज अग्रवाल के अनुसार प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है।

पीठ ने कहा कि इनमें यह प्रावधान भी शामिल है कि ‘‘प्लास्टिक सामग्री से बने पाउच का उपयोग गुटखा, तंबाकू और पान मसाला के भंडारण, पैकिंग या बिक्री के लिए नहीं किया जाएगा’’ और ‘‘विनाइल एसीटेट, मैलिक एसिड, विनाइल क्लोराइड कॉपोलीमर (प्लास्टिक कोटिंग में प्रयुक्त) सहित किसी भी रूप में प्लास्टिक सामग्री गुटखा, पान मसाला और सभी तरह के तंबाकू की पैकेजिंग के लिए किसी भी रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा।’’

इसने इस दलील पर भी गौर किया कि ये निर्माता प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (ईपीआर) व्यवस्था का अनुपालन नहीं कर रहे हैं, जिसमें उत्पादों के पर्यावरण की दृष्टि से उचित प्रबंधन की बात कही गई है।

कार्यवाही के दौरान, अधिवक्ता ने न्यायाधिकरण को यह भी बताया कि ईपीआर व्यवस्था में गैर-अनुपालन के लिए परिणामों को निर्दिष्ट किये जाने के बावजूद इन निर्माताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसमें उत्पादों की जब्ती, इकाइयों को बंद करना और जुर्माना शामिल है।

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न्यायाधिकरण ने कहा, ‘मूल आवेदन (ओए) पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाता है। प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए।’’

इसने मामले की अगली सुनवायी 26 सितंबर को निर्धारित की गयी।

इस मामले में प्रतिवादी केंद्र, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और कुछ पान मसाला और सुपारी निर्माता हैं।

भाषा अमित प्रशांत

प्रशांत

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