नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी स्थित भूमिहीन कैंप में बुधवार की सुबह से ही दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया और इस बीच किसी भी तरह की झड़प को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
दिल्ली में भूमि स्वामित्व प्राधिकरण, डीडीए ने 344 झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया और दावा किया कि उनमें से अधिकतर संरचनाएं खाली पड़ी थीं।
डीडीए ने एक बयान में कहा, ‘‘करीब 344 झुग्गी संरचनाएं मौजूद थीं, जो ज्यादातर खाली थीं। इन झुग्गी संरचनाओं को ध्वस्त करने पर कोई रोक नहीं है।’’
बयान में कहा गया है कि इन झुग्गीवासियों को 10 जून तक वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित होने का नोटिस जारी किया गया था।
झुग्गियों में रह रहे इन लोगों की स्थगन याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं।
प्राधिकरण के अनुसार, इस क्षेत्र को पहले ही समीपवर्ती नवजीवन कैंप और जवाहर कैंप के लगभग 4500 झुग्गी-झोपड़ी निवासियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के मकसद से इन-सीटू झुग्गी पुनर्वास परियोजना के लिए मंजूरी दी जा चुकी है।
बयान में कहा गया है, ‘‘कालकाजी एक्सटेंशन में पात्र निवासियों को वैकल्पिक आवास दिए जाने के बावजूद पिछले ढाई वर्षों से भूमि पर अतिक्रमण होने के कारण इस पर कोई काम शुरू नहीं किया जा सका।’’
डीडीए ने कहा कि अयोग्य निवासियों द्वारा पांच एकड़ भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के खिलाफ यह ध्वस्तीकरण किया गया।
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की पुनर्वास नीति के अनुसार, जिस परिवार का नाम वर्ष 2012, 2013, 2014 और 2015 की मतदाता सूची में से किसी एक में हो और उसके पास बिजली बिल, ड्राइविंग लाइसेंस आदि 12 दस्तावेजों में से कोई एक हो, वह वैकल्पिक आवास के लिए पात्र है।
बयान में कहा गया है, ‘‘नवंबर 2022 और मई 2023 के बीच भूमिहीन कैंप के 1,862 पात्र परिवारों को पॉकेट ए-14, कालकाजी एक्सटेंशन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी के फ्लैट में पुनर्वासित किया गया है।’’
भाषा यासिर माधव
माधव