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Friday, August 29, 2025

बहुत गर्म पानी से नहाते हैं? जानिए आपकी त्वचा पर इसका क्या असर होता है

Newsबहुत गर्म पानी से नहाते हैं? जानिए आपकी त्वचा पर इसका क्या असर होता है

( अमांडा मेयर और मोनिका जिमानी, जेम्स कुक विश्वविद्यालय)

केर्न्स (ऑस्ट्रेलिया), 16 जून (द कन्वरसेशन) मौसम ठंडा होने पर हममें से कई लोग गर्म पानी से नहाते हैं, लेकिन जब आप बहुत गर्म पानी से नहाते हैं तो आपकी त्वचा पर इसका क्या असर होता है?

त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है और इसके दो अलग-अलग हिस्से हैं: बाहर की तरफ एपिडर्मिस और अंदर की तरफ डर्मिस।

एपिडर्मिस अरबों कोशिकाओं से बना होता है, जो पतली त्वचा (जैसे आपकी पलकों पर) में चार परतों में और मोटी त्वचा (जैसे आपके पैर के तलवे पर) में पांच परतों में होती हैं।

गहरी परतों में कोशिकाएं (केराटिनोसाइट्स) एक साथ होती हैं। ये सेलुलर पुल पड़ोसी कोशिकाओं के बीच जलरोधी जोड़ बनाती हैं।

एपिडर्मिस के बाहर की कोशिकाएं इन सेलुलर पुलों को खो चुकी होती हैं और प्रति घंटे त्वचा के एक वर्ग सेंटीमीटर पर लगभग 1,000 कोशिकाओं की दर से अलग भी होती हैं।

एक औसत वयस्क के लिए, यह हर दिन प्रति घंटे एक करोड़ 70 लाख कोशिकाएं हैं। एपिडर्मिस के नीचे डर्मिस परत है, जहां हमारे पास रक्त वाहिकाएं, तंत्रिकाएं, बाल कूप (हेयर फॉलिकल्स), दर्द ग्राही, दबाव ग्राही और पसीने की ग्रंथियां होती हैं।

एपिडर्मिस और डर्मिस (त्वचा) एक साथ मिलकर सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों से आपकी रक्षा करते हैं, आंतों को कैल्शियम अवशोषित करने में मददगार विटामिन डी3 का संश्लेषण करते हैं, बैक्टीरिया, परजीवी, कवक और वायरस से आपकी रक्षा करते हैं, रक्त वाहिकाओं और पसीने की ग्रंथियों के फैलाव के माध्यम से आपके शरीर के तापमान को नियंत्रित करते हैं, विभिन्न भाव प्रदर्शित करने में मदद करते हैं कि हम कैसा महसूस कर रहे हैं (उदाहरण के लिए, शरमाना या रोंगटे खड़े होना), साथ ही हमें स्पर्श, दबाव, दर्द और तापमान जैसी संवेदनाओं को महसूस करने की अनुमति देते हैं।

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इसीलिए त्वचा महत्वपूर्ण है और इसकी देखभाल जरूरी है।

त्वचा को रोजाना धोने से बीमारी को रोकने में मदद मिल सकती है और वास्तव में गर्म स्नान अक्सर अच्छा लगता है तथा आपको आराम भी देता है। ऐसा कहने के बाद, इसके कुछ संभावित नुकसान भी हैं।

त्वचा माइक्रोबायोटा

आमतौर पर हमारी त्वचा पर स्टैफिलोकोकस एपिडर्मिस नामक बहुत सारे स्वस्थ जीव होते हैं। ये हमारी त्वचा की परतों की अखंडता को बढ़ाने में मदद करते हैं, क्योंकि वे कोशिकाओं के बीच के बंधन को मजबूत बनाते हैं और रोगाणुरोधी प्रोटीन के उत्पादन को बढ़ाते हैं।

त्वचा का सामान्य पीएच 4-6 के बीच होता है और ये जीव छोटे जीव इसी तरह का अम्लीय वातावरण पसंद करते हैं।

यदि त्वचा का पीएच लगभग सात (तटस्थ) हो जाता है, तो स्टैफिलोकोकस एपिडर्मिस की फैमिली का ही जीवाणु स्टैफिलोकोकस ऑरियस संक्रमण का कारण बनने की कोशिश करेगा। स्टैफिलोकोकस को गोल्डन स्टैफ भी कहा जाता है।

गर्म पानी से नहाने से आपकी त्वचा का पीएच बढ़ सकता है, जो अंततः गोल्डन स्टैफ को लाभ पहुंचा सकता है।

बहुत गर्म पानी से आपकी त्वचा से बहुत अधिक नमी भी निकल जाती है और पसीने के माध्यम से आपका पानी निकल जाता है।

इससे आपकी त्वचा रूखी हो जाती है और आपके गुर्दे अधिक पानी बाहर निकालते हैं, जिससे अधिक मूत्र बनता है।

लंबे समय तक गर्म पानी से नहाने से आपका रक्तचाप कम हो सकता है, लेकिन आपकी हृदय गति बढ़ सकती है। कम रक्तचाप या हृदय की समस्याओं वाले लोगों को लंबे समय तक गर्म पानी से नहाने से पहले अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

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स्नान से निकलने वाली गर्मी साइटोकिन्स (सूजन पैदा करने वाले अणु), हिस्टामाइन (जो एलर्जी प्रतिक्रियाओं में शामिल होते हैं) को सक्रिय कर सकती है और संवेदी तंत्रिकाओं की संख्या बढ़ा सकती है। यह सब बहुत गर्म पानी से नहाने के बाद खुजली का कारण बन सकता है।

कुछ लोगों को गर्म पानी से नहाने के बाद पित्ती (खुजली वाले उभरे हुए दाने जो हल्की त्वचा पर लाल और गहरे रंग की त्वचा पर भूरे या बैंगनी दिखते हैं) हो सकती है, जो क्रॉनिक इंड्यूसिबल पित्ती का एक रूप है। यह काफी दुर्लभ है और आमतौर पर एंटीहिस्टामाइन से इसका इलाज किया जाता है।

संवेदनशील त्वचा या पित्ती, डर्मेटाइटिस, एक्जिमा, रोसैसिया, सोरायसिस या मुंहासे जैसी पुरानी त्वचा की समस्या वाले लोगों को बहुत गर्म पानी से नहाने से बचना चाहिए। वे त्वचा को सूखा देते हैं और ऐसे लोगों की त्वचा की बीमारी के बढ़ने का खतरा अधिक होता है।

आपके हाथों या पैरों की त्वचा गर्म और ठंडे के प्रति सबसे कम संवेदनशील होती है, इसलिए यदि आप किसी बच्चे, वृद्ध व्यक्ति या विकलांग व्यक्ति को नहला रहे हैं तो पानी का तापमान जांचने के लिए हमेशा अपने हाथों का नहीं, बल्कि अपनी कलाई का उपयोग करें।

( द कन्वरसेशन )

मनीषा सुरेश

सुरेश

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