कोच्चि, 27 जून (भाषा) फिल्म ‘जानकी वर्सेज स्टेट ऑफ केरला’ को प्रमाण पत्र देने से इनकार करने के फैसले के खिलाफ विभिन्न फिल्म संगठनों से जुड़ी फिल्मी हस्तियां सोमवार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के कार्यालय के सामने धरना देंगी।
सीबीएफसी की पुनरीक्षण समिति ने सुरेश गोपी अभिनीत फिल्म के निर्माताओं को मौखिक रूप से निर्देश दिया था कि वे मुख्य पात्र का नाम बदल दें क्योंकि जानकी देवी सीता का दूसरा नाम है।
केरल फिल्म कर्मचारी संघ (एफईएफकेए) के महासचिव बी उन्नीकृष्णन ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि पूरे फिल्म जगत से जुड़े लोग तिरुवनंतपुरम में सीबीएफसी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।
उन्नीकृष्णन ने सीबीएफसी के फैसले को ‘मनमाना’ करार देते हुए आश्चर्य जताया कि सेंसर बोर्ड की क्षेत्रीय शाखा द्वारा फिल्म को मंजूरी दिए जाने के बाद नाम बदलने का सुझाव क्यों दिया जा रहा है।
फिल्म को ‘यू/ए’ प्रमाणपत्र दिया गया था और इसे मुंबई में सीबीएफसी कार्यालय भेजा गया था, जहां से बदलाव का सुझाव दिया गया।
उन्होंने कहा, “हम इस तरह के फैसले की मंशा को नहीं समझ पा रहे हैं।”
उन्नीकृष्णन ने कहा कि इससे पहले भी निर्देशक एमबी पद्मकुमार की फिल्म ‘टोकन नंबर’ को महिला किरदार का नाम जानकी से बदलकर जयंती करने के बाद ही रिलीज के लिए मंजूरी दी गयी थी।
उन्नीकृष्णन ने कहा कि सेंसर बोर्ड द्वारा पास किए गए फिल्म के टीजर और ट्रेलर पिछले एक महीने से सिनेमाघरों में दिखाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता कि इससे कोई सांप्रदायिक वैमनस्य उत्पन्न हुआ है या नहीं।”
फिल्म के निर्देशक प्रवीण नारायणन ने बृहस्पतिवार को ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में प्रमाणन प्राप्त करने के लिए मुख्य चरित्र का नाम बदले जाने की बात कहे जाने की पुष्टि की।
इस बीच केरल उच्च न्यायालय ने सेंसर बोर्ड को अपने फैसले के बारे में शुक्रवार को अदालत को अवगत कराने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय, प्रमाणन प्राप्त करने में देरी के खिलाफ फिल्म के निर्माताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
भाषा जितेंद्र मनीषा
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