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Monday, September 1, 2025

‘केवाईसी अपडेट’ के नाम पर बुजुर्गों से ठगी करने वाला युवक चार साल बाद पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

News‘केवाईसी अपडेट’ के नाम पर बुजुर्गों से ठगी करने वाला युवक चार साल बाद पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ‘केवाईसी अपडेट’ के नाम पर बुजुर्गों से ठगी करने के आरोप में पश्चिम बंगाल के 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो चार साल से फरार था। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, मल्‍या दास नामक यह युवक वर्ष 2021 में दिल्ली में दर्ज एक ऑनलाइन ठगी के मामले में वांछित था, जिसमें 1.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।

दक्षिण-पश्चिम जिला के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि वर्ष 2021 में एक महिला ने ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके दादा को एक संदेश मिला था, जिसमें कहा गया था कि अगर वह अपना ई-‘केवाईसी अपडेट’ नहीं कराते हैं, तो उनका सिम कार्ड बंद कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जब बुजुर्ग ने दिए गए नंबर पर कॉल किया, तो उन्हें एक लिंक भेजा गया। उन्होंने बताया कि लिंक पर क्लिक करते ही उनके फोन में एक ऐप्लिकेशन इंस्टॉल हो गया, जिससे ठगों को ओटीपी सहित अन्य जानकारियों तक पहुंच मिल गई और उन्होंने खाते से 1.5 लाख रुपये निकाल लिए।

डीसीपी ने बताया कि यह मामला पहले किशनगढ़ थाने में दर्ज किया गया था, जिसे बाद में अक्टूबर 2024 में साइबर पुलिस थाना को स्थानांतरित कर दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने ‘मनी ट्रेल’ (पैसा कहां से आया और कहां गया) का पता लगाया और पाया कि ठगी गई रकम में से एक लाख रुपये दो फर्जी खातों के जरिये ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के माध्यम से आरोपी के बैंक खाते में भेजे गए थे, जिसे बाद में एटीएम के माध्यम से निकाला गया।

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पुलिस के अनुसार, आरोपी के ठिकानों पर कई बार छापेमारी की गई, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस ने बताया कि बाद में गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और नए सिरे से छापेमारी के बाद पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशियारी इलाके से उसे गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में दास ने बताया कि वह कोलकाता में दर्ज एक अन्य ठगी के मामले में भी शामिल था और वर्ष 2022 में न्यायिक हिरासत में रह चुका है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ‘मेकैनिकल इंजीनियरिंग’ में डिप्लोमा की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। उसने अपने बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम के शोधन के लिए किया था, जिसके जरिये कुल 27 लाख रुपये की रकम भेजी गई।

पुलिस ने कहा कि दास ने तूफान नाम के एक सहयोगी के साथ मिलकर कथित तौर पर ‘मनी ट्रेल’ को खत्म करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पैसे निकालने की रणनीति का इस्तेमाल किया। सह-आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप

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