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Saturday, August 30, 2025

राणे ने राज ठाकरे से नजदीकी बढ़ाने को लेकर उद्धव पर निशाना साधा

Newsराणे ने राज ठाकरे से नजदीकी बढ़ाने को लेकर उद्धव पर निशाना साधा

मुंबई, एक जुलाई (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद नारायण राणे ने मंगलवार को शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन पर अपने चचेरे भाई एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे को परेशान करने का आरोप लगाया।

राणे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे में खोई जमीन वापस पाने की ताकत या क्षमता नहीं है और अविभाजित शिवसेना के पतन के लिए अकेले वह ही जिम्मेदार हैं।

उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे वक्त में की है जब राजनीतिक रूप से अलग हो चुके ठाकरे बंधुओं ने करीब दो दशक बाद पांच जुलाई को एक मंच साझा करने का फैसला किया है।

राणे ने पोस्ट में लिखा, ‘‘उद्धव ठाकरे भाईचारे का हवाला देकर राज ठाकरे के साथ नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन क्या वह भूल गए हैं कि उन्होंने राज को परेशान किया था। उन्हें बहुत परेशान किया था और उन्हें पार्टी (अविभाजित शिवसेना) छोड़ने के लिए मजबूर किया था? क्या उन्हें पता नहीं है कि उन्होंने क्या किया? अब वह राज की चापलूसी क्यों कर रहे हैं?’’

भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘राज ठाकरे, गणेश नाइक, एकनाथ शिंदे और मैंने अपना जीवन शिवसेना के विकास के लिए समर्पित कर दिया, लेकिन उद्धव ठाकरे ने हमें बाहर निकाल दिया। आदरणीय बालासाहेब ठाकरे पार्टी को सत्ता में लाए, लेकिन उद्धव ठाकरे ने वह सत्ता खो दी और (वह) शिवसेना के पतन के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।’’

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में आने के प्रयासों की आलोचना करते हुए दावा किया कि उनमें वह ताकत या क्षमता नहीं है, जिससे वह खोई जमीन वापस पा सकें।

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गौरतलब है कि राज ठाकरे ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राणे के लिए प्रचार किया था।

उद्धव ठाकरे के खिलाफ भाजपा नेता के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता भास्कर जाधव ने कहा, ‘‘नारायण राणे दूसरों के बारे में इतना क्यों सोचते हैं? एक साल के अंदर ही उन्होंने अपनी पार्टी क्यों छोड़ दी? उन्होंने कांग्रेस क्यों छोड़ दी? उन्हें महाराष्ट्र की जनता को कारण बताना चाहिए। उन्होंने रवींद्र चव्हाण को भी परोक्ष चेतावनी दी – आखिर ऐसा क्यों हुआ?’’

भाषा गोला सुरेश

सुरेश

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