बैंकॉक, तीन जुलाई (एपी) थाईलैंड के नवगठित मंत्रिमंडल के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को शपथ ग्रहण की, जिनमें निलंबित प्रधानमंत्री पैटोंगटर्न शिनावात्रा भी शामिल थीं।
शिनावात्रा एक वरिष्ठ कम्बोडियाई नेता से की गई टिप्पणियों को लेकर फिलहाल जांच का सामना कर रही हैं। पैटोंगटर्न शिनावात्रा को मंगलवार को प्रधानमंत्री पद से निलंबित किया गया था और थाईलैंड नरेश ने उसी दिन नए मंत्रिमंडल की मंजूरी दी, जिसमें शिनावात्रा को संस्कृति मंत्री के रूप में नामित किया गया।
शपथ समारोह के लिए ‘गवर्नमेंट हाउस’ पहुंचने पर शिनावात्रा मुस्कराती नजर आईं, लेकिन उन्होंने पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुरिया जुंगरुंगरियांगकित ने नए मंत्रियों का नेतृत्व करते हुए थाईलैंड नरेश महा वजीरालोंगकोर्न से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त किया।
समझा जाता है कि सुरिया, कार्यवाहक प्रधानमंत्री के दायित्वों को उपप्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री फुमथाम वेचायाचाय को सौंपेंगे, जिन्होंने बृहस्पतिवार को शपथ ली। शिनावात्रा ने पिछले वर्ष जब पदभार संभाला था, तब वेचायाचाय ने उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी निभाई थी।
कम्बोडिया के साथ सीमा विवाद के प्रबंधन को लेकर शिनावात्रा के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है। मई में हुई एक झड़प में एक कम्बोडियाई सैनिक की मौत के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
इस बीच, कम्बोडियाई सीनेट के अध्यक्ष हुन सेन के साथ एक फोन वार्ता के कथित तौर पर लीक हुए अंशों में शिनावात्रा तनाव कम करने का प्रयास करती प्रतीत हुईं, लेकिन यह कदम आलोचनाओं और विरोध प्रदर्शनों का कारण बन गया। आलोचकों का कहना है कि उन्होंने हुन सेन के प्रति अत्यधिक नरमी दिखाई जिससे थाईलैंड की छवि को नुकसान पहुंचा।
संवैधानिक अदालत ने इस मामले की समीक्षा के लिए मंगलवार को सर्वसम्मति से याचिका स्वीकार की और दो के मुकाबले सात के बहुमत से शिनावात्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया।
अदालत ने उन्हें मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है। यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम फैसला कब सुनाया जाएगा।
एपी मनीषा सिम्मी
सिम्मी