नयी दिल्ली,10 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को इन अटकलों को खारिज कर दिया कि उन्हें पद से हटाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस तरह के किसी भी कदम से साफ इनकार किया है।
सिद्धरमैया ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘सुरजेवाला ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। नेतृत्व का मुद्दा चर्चा में नहीं है। जब उन्होंने ऐसा कहा है तो अटकलें क्यों लगाई जा रही हैं? वह (सुरजेवाला) कर्नाटक के पार्टी प्रभारी हैं और जब उन्होंने कहा कि कोई अटकलें नहीं लगानी चाहिए, तब भी मीडिया अटकलें लगा रहा है। पार्टी के भीतर इस बारे में कोई चर्चा नहीं हो रही है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी आलाकमान का फैसला अंतिम और सर्वमान्य होगा।
ढाई-ढाई साल तक बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद की संभावित व्यवस्था के बारे में पूछे गए सवालों पर सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘जब सरकार ढाई साल पूरे कर रही है तो ऐसे मुद्दे उठाना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसा कोई समझौता हुआ था। अगर ऐसा कोई समझौता हुआ होता, तो मैं हाल में यह नहीं कहता कि मैं पांच साल तक मुख्यमंत्री रहूंगा।’’
कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद, सिद्धरमैया और शिवकुमार के बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद संभालने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
हालांकि, दोनों नेताओं ने इस तरह का कोई समझौता होने की बात से सार्वजनिक रूप से इनकार किया है।
सिद्धरमैया ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि उनके पद पर रहते हुए ऐसी अफवाह क्यों फैली। उन्होंने कहा, ‘‘क्या अभी मुख्यमंत्री का पद रिक्त है? फिर ऐसी अटकलें क्यों लगाई जा रही हैं? अगर कोई निजी राय व्यक्त करता है, तो क्या वह पार्टी का फैसला हो सकता है? खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे) और राहुल गांधी को इस बारे में बात करनी चाहिए।’’
सिद्धरमैया ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें इस मामले पर किसी भी चर्चा के लिए आमंत्रित नहीं किया है, लेकिन वह शाम को सुरजेवाला से मिलने वाले हैं।
मंत्रिमंडल में फेरबदल पर उन्होंने कहा, ‘‘नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल पर कोई चर्चा नहीं हुई है। डी के शिवकुमार (उपमुख्यमंत्री) ने खुद कहा है कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है।’’
सिद्धरमैया ने अपनी सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा, ‘‘सरकार ने दलितों के उत्थान के लिए कार्यक्रमों पर काफी विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिए हैं।’’
भाषा
देवेंद्र सुभाष
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