मुंबई, 16 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार कॉलेजों और निजी कोचिंग संस्थानों के बीच सांठगांठ को तोड़ने के लिए एक कानून लाने की तैयारी कर रही है। स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने बुधवार को यह जानकारी दी।
स्कूली शिक्षा मंत्री भुसे ने विधानसभा को बताया कि यह कानून जवाबदेही तय करेगा और सुनिश्चित करेगा कि कॉलेज निजी कोचिंग संस्थानों को प्रमुख शैक्षणिक जिम्मेदारियां सौंपे बिना स्वतंत्र रूप से काम करें।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार जल्द ही कॉलेजों द्वारा निजी कोचिंग संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए एक कानून पेश करेगी।’’
भुसे ने यह बात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायक हीरामन खोसकर द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में कही।
मंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शिता बढ़ाने और अभिभावकों के वित्तीय शोषण को रोकने के लिए स्कूलों द्वारा गैर-ट्यूशन मदों के तहत अतिरिक्त शुल्क वसूली पर अंकुश लगाने के लिए नियमों में संशोधन भी करेगी।
इस बीच, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने कहा कि अवैध साहूकारों द्वारा किसानों की जमीन हड़पने की शिकायतों की जिलाधिकारी स्तर पर जांच की जाएगी।
यह मुद्दा विधायक संजय देरकर ने उठाया, जबकि समीर कुणावर, नाना पटोले और अमित देशमुख ने पूरक प्रश्न पूछे।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सदन को बताया कि अनिवार्य मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने पर 16 बी.एड कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी गई है।
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