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Friday, August 29, 2025

दिल्ली: आनंद विहार और सराय काले खां आईएसबीटी का कायाकल्प होगा

Newsदिल्ली: आनंद विहार और सराय काले खां आईएसबीटी का कायाकल्प होगा

(नेहा मिश्रा)

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) दिल्ली के आनंद विहार और सराय काले खां अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को विश्वस्तरीय मल्टी-मॉडल परिवहन केंद्रों में तब्दील किया जाएगा, जहां हवाईअड्डे जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत दोनों अंतरराज्यीय बस टर्मिनल को आधुनिक वास्तुकला, एकीकृत परिवहन साधनों और वाणिज्यिक, आवासीय एवं हरित स्थानों के मिश्रण के साथ पुनः डिजाइन किया जाएगा।

यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित की जा रही है।

एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) परियोजना प्रबंधन सलाहकार है और ‘अर्न्स्ट एंड यंग’ (ईवाई) निजी भागीदारों को लाने के लिए लेन-देन सलाहकार है।

अधिकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से कोई पूंजी निवेश न होने के बावजूद, भूमि-मूल्य अधिग्रहण के जरिये रियल एस्टेट और वाणिज्यिक विकास के माध्यम से आईएसबीटी के पूर्ण नवीनीकरण को वित्तपोषित किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि पुनर्विकास योजना में विभिन्न परिवहन प्रणालियों जैसे आईएसबीटी, आरआरटीएस (नमो भारत ट्रेन) और मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाले ‘एलिवेटेड कॉनकोर्स’, वाहन-मुक्त पैदल यात्री क्षेत्र, रिंग रोड के साथ वाणिज्यिक ‘फ्रंटेज’ और आधुनिक लाउंज व प्रस्थान क्षेत्र शामिल हैं।

सराय काले ख़ां में स्थल विकास लगभग 32 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें डीडीए, डीटीआईडीसी, एनसीआरटीसी, एमसीडी और दाखिलों के लिए डीयूएसआईबी के बीच समन्वय किया जा रहा है। आनंद विहार में एफएआर (फ्लोर एरिया अनुपात) को पांच तक और सराय काले खां में 4.5 तक बढ़ाया गया है, जिसका उपयोग भी किया जाएगा।

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साल 2053 के लिए मांग अनुमान के अनुसार, आनंद विहार में बस अड्डों की संख्या 164 से बढ़कर 254 हो जाएगी और यात्रियों की क्षमता लगभग दोगुनी होकर प्रतिदिन 64,000 से बढ़कर 1.17 लाख पर पहुंच जाएगी।

अनुमान के मुताबिक, सराय काले खां में बस अड्डों की संख्या 64 से बढ़कर 134 हो जाएगी और यात्रियों की संख्या 10,000 से बढ़कर एक लाख के पार चली जाएगी।

अधिकारी ने बताया कि कश्मीरी गेट आईएसबीटी का भी भविष्य में इसी तरह का पुनर्विकास किए जाने की संभावना है।

भाषा नोमान पारुल

पारुल

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