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Sunday, August 31, 2025

कांग्रेस सांसद का रीजीजू पर पलटवार, जवाबदेही की मांग राष्ट्रविरोधी बयान नहीं

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नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आलोचना करने को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि जवाबदेही की मांग को “राष्ट्र-विरोधी बयानबाजी” नहीं कहना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संसद में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।

रीजीजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह देश की एकजुटता को पेश करने के बजाय विदेश नीति पर प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करके ‘पाकिस्तान की भाषा’ बोल रहे हैं।

रीजीजू ने संवाददाताओं से कहा, “इससे देश को नुकसान होता है।”

संसदीय कार्य मंत्री पर पलटवार करते हुए टैगोर ने कहा कि रिजीजू का विपक्ष के नेता पर हमला न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह दर्शाता है कि ‘मोदी सरकार कितनी घबराई हुई है’।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जब (एस) जयशंकर चीनी नेतृत्व से मिलते हैं, तो वह जो कहते हैं (या नहीं कह पाते), वो विपक्ष को दिए गए किसी भी व्याख्यान से ज़्यादा मायने रखता है। जननेता राहुल गांधी उस परिवार से आते हैं जिसने पाकिस्तान का विभाजन किया और बांग्लादेश का निर्माण किया, जो भारत की विदेश नीति के इतिहास में बेजोड़ रणनीतिक सफलता का एक क्षण है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संसद से ऊपर नहीं हैं।

कांग्रेस सांसद ने दावा किया, “वह (मोदी) एक गठबंधन सरकार में एक अल्पमत वाले दल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसे भारत की जनता ने कमज़ोर कर दिया है।”

उन्होंने कहा, “विपक्ष चाहता है कि संसद चले। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बोलें और सदन को जवाब दें, न कि बनावटी एकालापों के पीछे छिपें।”

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टैगोर ने कहा कि जवाबदेही की मांग को “राष्ट्र-विरोधी” बयानबाजी के तौर पर पेश नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं।

उन्होंने कहा, “अगर मोदी जी संसद का सामना नहीं कर सकते, चुने हुए सांसदों से बात नहीं कर सकते, तो उन्हें खुद से पूछना चाहिए कि भारत के लोकतंत्र को असल में नुकसान कौन पहुंचा रहा है? किरेन रीजीजू, अपने शब्दों पर ध्यान दें। संसद जनता की है, किसी एक पार्टी की नहीं।”

भाषा हक सिम्मी प्रशांत

प्रशांत

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