26.6 C
Jaipur
Saturday, August 30, 2025

मुझे नहीं पता ऑनलाइन ‘रमी’ कैसे खेलते हैं, इस्तीफे की मांग खारिज करता हूं: कोकाटे

Newsमुझे नहीं पता ऑनलाइन ‘रमी’ कैसे खेलते हैं, इस्तीफे की मांग खारिज करता हूं: कोकाटे

नासिक, 22 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन पर कभी ऑनलाइन ‘रमी गेम’ नहीं खेला जैसा कि विपक्ष आरोप लगा रहा है। उन्होंने पद छोड़ने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि एक मामूली मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता ने उन नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जिन्होंने एक कथित वीडियो शेयर करके उन्हें ‘‘बदनाम’’ करने का प्रयास किया।

राकांपा (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने रविवार को अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया जिसमें कोकाटे विधान परिषद के मानसून सत्र के दौरान अपने मोबाइल फोन पर ऑनलाइन ‘रमी’ खेलते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही राजनीतिक बवाल मच गया।

राकांपा (एसपी) विधायक जितेंद्र आव्हाड ने सोमवार को दो वीडियो पोस्ट किए जिनमें दावा किया गया कि कोकाटे राज्य विधान परिषद के हालिया मानसून सत्र के दौरान अपने मोबाइल फोन पर ‘जंगली रमी’ ऑनलाइन गेम खेलते नजर आ रहे थे।

कोकाटे के इस्तीफे की बढ़ती मांग के बीच राकांपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने सोमवार को कहा कि पार्टी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस वीडियो को गंभीरता से लिया और मंत्री से बात करेंगे।

कोकाटे ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे ऑनलाइन रमी खेलना नहीं आता। गेम खेलने के लिए एक ओटीपी और बैंक खाते को लिंक करना जरूरी होता है। कोई भी यह जांच सकता है कि मेरा मोबाइल फोन ऐसे किसी गेम से जुड़ा है या नहीं। मैं एक गेम को हटाने की कोशिश कर रहा था जो 10 से 15 सेकंड के लिए मेरी स्क्रीन पर ‘पॉप-अप’ हो गया था।’’

See also  Club Med Celebrates Its 75th Anniversary: Delivering the Essence of 'L'Esprit Libre' with a Global Vision

इस्तीफे की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘आप मुझे बताइए, मैंने ऐसे क्या किया कि मेरे इस्तीफे की मांग की जा रही है? क्या मैंने किसी से छेड़छाड़ की है। क्या मैंने कुछ चोरी किया है या किसानों के खिलाफ फैसला किया है? क्या मेरी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि है?’’

कोकाटे ने कहा कि वह उन विपक्षी नेताओं पर मुकदमा करेंगे जिन्होंने एक अधूरा वीडियो प्रसारित करके उन्हें ‘‘बदनाम’’ करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने पूरा वीडियो नहीं दिखाया। इससे तथ्य बिल्कुल स्पष्ट हो जाते। एक छोटे से मुद्दे को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।’’

राकांपा नेता ने कहा कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और विधानसभा अध्यक्ष को इस संबंध में गहन जांच कराने के लिए पत्र लिखेंगे।

कोकाटे ने कहा, ‘‘अगर वीडियो सही साबित हुआ तो मैं अपना इस्तीफा दे दूंगा। मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान बयान दे सकते हैं और मैं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मिले बिना ही राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दूंगा।’’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सोमवार को कोकाटे के वीडियो क्लिप पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कोकाटे ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। यह सच है कि मैंने उन्हें जानकारी नहीं दी।’’

कोकाटे ने दावा किया कि वह पिछले 25 साल से राज्य विधानमंडल के नियमों और विनियमों का पालन कर रहे हैं।

नासिक जिले के सिन्नर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कोकाटे विवादों से अछूते नहीं रहे हैं। उनके बयानों ने पहले भी राकांपा को शर्मसार किया है।

See also  'सरदार जी 3' विवाद: दिलजीत दोसांझ के समर्थन में आए नसीरुद्दीन शाह

अप्रैल में एक बड़ा विवाद तब खड़ा हो गया जब कोकाटे ने कहा था कि किसान कृषि योजनाओं से प्राप्त धन को इच्छित उद्देश्यों पर खर्च नहीं करते, बल्कि इसका उपयोग सगाई और शादियों में करते हैं।

जब उनकी टिप्पणी की निंदा हुई, तो उन्होंने खेद व्यक्त किया और माफी मांगी।

इस साल की शुरुआत में कोकाटे ने कथित तौर पर किसानों की तुलना भिखारियों से की थी, जिसकी कड़ी आलोचना हुई थी।

उन्होंने कहा था, ‘‘भिखारी भी एक रुपया भीख नहीं लेता, लेकिन यहां हम एक रुपये में फसल बीमा दे रहे हैं। फिर भी, कुछ लोग इसका दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं।’’

कोकाटे कानूनी पचड़े में भी फंसे हैं।

नासिक जिले की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कोकाटे और उनके भाई सुनील कोकाटे को सरकारी कोटे के तहत फ्लैट हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने के आरोप में दोषी ठहराया था और उन्हें दो साल की कैद की सज़ा सुनाई थी।

जिला अदालत ने पांच मार्च को उनकी सजा पर रोक लगा दी थी।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles