नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने वाले जगदीप धनखड़ कुछ समय से अस्वस्थ थे, हालांकि राज्यसभा की अध्यक्षता करते समय वह प्राय: ऊर्जावान और सक्रिय नजर आते थे।
मार्च में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कारणों से राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी से बाहर की यात्राएं सीमित कर दी थीं।
जून में उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान धनखड़ मंच पर बेहोश हो गए थे। अधिकारियों ने तब बताया था कि उस दिन अत्यधिक गर्मी थी और जिस सभागार में कार्यक्रम चल रहा था वहां भी भीड़ थी। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति बेहोश हुए थे, लेकिन उनके सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें तुरंत थाम लिया था।
इस महीने की शुरुआत में केरल दौरे के दौरान भी धनखड़ को उनकी पत्नी सुदेश और एक सहयोगी के सहारे चलते हुए देखा गया था।
धनखड़ 17 जुलाई को दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना द्वारा विकसित ‘वाटिका’ का दौरा करते समय भी अस्वस्थ महसूस करने लगे थे। तब उनकी पत्नी ने उन्हें पानी दिया। कुछ देर बाद वह सामान्य हुए।
धनखड़ ने सोमवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने इस्तीफे में कहा, “स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं।”
चौहतर वर्षीय धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद का कार्यभार संभाला था और उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था। राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दिया गया।
भाषा मनीषा माधव
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