नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने मंगलवार को लोकसभा में दो प्रस्ताव पेश कर दिव्यांग पुनर्वास और अधिकारों पर निगरानी रखने वाली दो संस्थाओं में सदस्यों के निर्वाचन के लिए सदन की मंजूरी मांगी।
पहला प्रस्ताव भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) से संबंधित है, जो एक वैधानिक निकाय है और दिव्यांग व्यक्तियों के साथ काम करने वाले पेशेवरों के प्रशिक्षण और सेवाओं का विनियमन करता है।
कुमार ने भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के तहत, परिषद में अपने में से दो सदस्यों को चुनने के लिए सदन की स्वीकृति मांगी।
प्रस्ताव के अनुसार, निर्वाचित सदस्य दो वर्ष का कार्यकाल या उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने तक, जो भी अधिक हो, कार्य करेंगे।
चुनाव लोकसभा अध्यक्ष द्वारा निर्देशित प्रक्रिया के अनुसार होंगे।
दूसरा प्रस्ताव केंद्रीय दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड (सीएबीडी) के लिए था, जो सरकार को दिव्यांगता से जुड़े नीतिगत मामलों पर सलाह देता है और दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम, 2016 के कार्यान्वयन की निगरानी करता है।
कुमार ने प्रस्ताव दिया कि दो लोकसभा सदस्यों को बोर्ड में तब तक के लिए चुना जाए जब तक वे सदन के सदस्य रहते हैं।
भाषा वैभव माधव
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