28.4 C
Jaipur
Friday, August 29, 2025

पेट्रापोल के रास्ते बांग्लादेश से जूट, परिधान आयात पर प्रतिबंध हटाने को ममता से हस्तक्षेप की अपील

Newsपेट्रापोल के रास्ते बांग्लादेश से जूट, परिधान आयात पर प्रतिबंध हटाने को ममता से हस्तक्षेप की अपील

कोलकाता, 22 जुलाई (भाषा) पेट्रापोल सीमा चौकी पर क्लियरिंग एजेंट के कर्मचारियों के एक संगठन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर बांग्लादेश से भूमि मार्ग से जूट उत्पादों और परिधानों के आयात पर केंद्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की है।

पेट्रापोल क्लियरिंग एजेंट्स स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन ने दावा किया है कि इस प्रतिबंध के कारण उत्तर 24 परगना जिले में सीमा चौकी पर व्यापार प्रवाह प्रभावित हुआ है।

एसोसिएशन ने कहा है कि इस प्रतिबंध ने व्यापार प्रवाह को बाधित किया है और उन हजारों लोगों की आजीविका को प्रभावित किया है जो भारत-बांग्लादेश के महत्वपूर्ण एकीकृत चेकपोस्ट के माध्यम से लेनदेन पर निर्भर हैं।

एसोसिएशन के सचिव कार्तिक चक्रवर्ती ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘प्रतिबंध लगाए जाने के बाद आयात व्यापार की मात्रा में भारी गिरावट आई है। पेट्रापोल में आयात ट्रक और रैक की संख्या जून में घटकर 1,654 रह गई, जो मई, 2025 में 3,886 थी।’’

उन्होंने कहा कि मौजूदा रुझानों के विपरीत, वर्ष 2023 में अधिकतम मासिक आंकड़ा 4,900 था, जबकि औसत मात्रा आमतौर पर 3,500 से ऊपर रहती है।

चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘प्रतिकूल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण स्थानीय आबादी के एक बड़े हिस्से की आजीविका गंभीर खतरे में है। हम सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सरकार से तत्काल मदद चाहते हैं।’’

मई में, भारत ने बांग्लादेश से सिलेसिलाए कपड़ों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे कुछ सामान के आयात पर बंदरगाह प्रतिबंध लगा दिए थे।

बांग्लादेश से भूमि मार्गों के माध्यम से कई जूट उत्पादों और बुने हुए कपड़ों के आयात पर भी जून में प्रतिबंध लगा दिया गया था।

See also  लेफ्टिनेंट जनरल वी श्रीहरि बने दक्षिण भारत क्षेत्र के नए जीओसी

एसोसिएशन ने बताया कि पेट्रापोल सीमा चौकी के माध्यम से आयात में जूट उत्पादों और कपड़ों का बड़ा हिस्सा होता है।

चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘इन श्रेणियों में व्यापार का लंबे समय तक बंद रहना कई लोगों को वित्तीय संकट में डाल रहा है।’’

भारतीय जूट मिल्स एसोसिएशन के एक पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि घरेलू जूट उद्योग की भलाई के लिए कच्चे जूट को सभी बंदरगाहों से होकर गुजरने की अनुमति दी जानी चाहिए।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles