नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने बुधवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कर्ज में डूबी रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) पर सुधारात्मक कार्रवाई योजना (सीएपी) के तहत लगाई गई शर्तें तत्काल प्रभाव से वापस ले ली हैं।
आरबीआई ने 31 मार्च, 2017 तक की स्थिति के निरीक्षण के दौरान मिलीं अनियमितताओं के कारण जनवरी, 2018 में रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की अनुषंगी आरएफएल पर सीएपी लगाया था।
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, “आरएफएल को आरबीआई से 23 जुलाई, 2025 का एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें आरएफएल पर सीएपी के तहत लगाई गई शर्तों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है।”
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने केंद्रीय बैंक के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि यह सूचित किया जाता है कि आरबीआई ने कंपनी द्वारा सीएपी शर्तों के अनुपालन पर ध्यान दिया है।
इसके अलावा, कंपनी के प्रबंधन और निदेशकों में भी बदलाव हुआ है।
इसी साल बर्मन परिवार ने खुली पेशकश पूरी होने के बाद रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) में नियंत्रक हिस्सेदारी हासिल कर ली और आरईएल को इसका प्रवर्तक नियुक्त किया गया।
अधिग्रहण सौदे के बाद इसकी शेयरधारिता 83,201,819 इक्विटी शेयरों की हो गई है, जो कंपनी में 25.16 प्रतिशत हिस्सा है।
भाषा अनुराग अजय
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