लंदन, 24 जुलाई (भाषा) भारत द्वारा ब्रिटेन से भगोड़े कई आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण की मांग के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि दोनों पक्षों की संबंधित एजेंसियां इस मामले में ‘निकट’ समन्वय और सहयोग के साथ काम करना जारी रखेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष केअर स्टार्मर से मुलाकात के बाद यह टिप्पणी की।
मोदी ने मीडिया को दिये वक्तव्य में कहा, ‘‘आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण के मामले में भी हमारी एजेंसियां निकट समन्वय और सहयोग के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगी।’’
भारत ब्रिटेन के समक्ष विजय माल्या, नीरव मोदी और ललित मोदी जैसे भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाता रहा है।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए ब्रिटेन से सहयोग मांगा।
भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी करीब दो अरब अमेरिकी डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ऋण घोटाले से जुड़े धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों में भारत में वांछित है।
माल्या किंगफिशर एयरलाइंस (केएफए) को कई बैंकों द्वारा दिए गए 9,000 करोड़ रुपये के ऋण को न चुकाने के मामले में भारत में वांछित है। माल्या मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गया था।
ललित मोदी भी भारतीय जांच एजेंसियों द्वारा धन शोधन में कथित संलिप्तता और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) का उल्लंघन करने के लिए वांछित है।
भाषा आशीष धीरज
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