हाथरस (उप्र), 28 जुलाई (भाषा) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की 2020 के हाथरस बलात्कार कांड में बरी हुए आरोपियों को लेकर की गई टिप्पणी के संबंध में दायर मानहानि मामले में स्थानीय अदालत ने सोमवार को उनके खिलाफ सुनवाई की अगली तारीख 21 अगस्त तय की। एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।
अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) दीपक नाथ सरस्वती की सांसद/विधायक अदालत में रवि, राम कुमार उर्फ रामू और लवकुश की ओर से तीन मामले दायर किए गए थे। इन लोगों पर वर्ष 2020 में हुए हाथरस सामूहिक बलात्कार कांड में मुकदमा दर्ज किया गया था मगर बाद में अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया था।
पुंढीर ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल को तलब करने से पहले उन्हें नोटिस भेजा जाएगा और उनका पक्ष भी सुना जाएगा। उनके मुताबिक, अब 21 अगस्त को सुबूत पेश होने के बाद राहुल को नोटिस भेजे जाने की संभावना है और उनका पक्ष सुना जाएगा। उसके बाद मुकदमे पर आदेश पारित किया जाएगा।
सितंबर 2020 में हाथरस जिले के एक गांव की रहने वाली दलित लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था और कुछ दिनों बाद दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में उसके गांव के चार लोगों पर आरोप लगाया गया था। हालांकि बाद में एक विशेष अदालत ने मार्च 2023 में उनमें से तीन आरोपियों रामकुमार, लवकुश और रवि को बरी कर दिया था जबकि संदीप दोषी पाया गया और वह अब भी जेल में है।
राहुल ने इसके बाद 12 दिसंबर 2024 को पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा था, ”पीड़ित परिवार को न्याय देने के बजाय, सरकार उन पर तरह-तरह से अत्याचार कर रही है। दूसरी तरफ़ आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इस परिवार की हताशा और निराशा भाजपा द्वारा दलितों के ऊपर किए जा रहे अत्याचार की सच्चाई को दिखाते हैं, लेकिन हम इस परिवार को यूं ही इनके हाल पर रहने को मजबूर नहीं होने देंगे। इन्हें न्याय दिलाने के लिए हम पूरी ताक़त के साथ लड़ेंगे।”
इसके बाद मामले में बरी किये गये आरोपियों ने राहुल के खिलाफ मानहानि का डेढ़ करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया था।
भाषा सं. सलीम
नोमान
नोमान