नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को विपक्ष के कई सदस्यों ने मध्य प्रदेश के एक मंत्री द्वारा भारतीय सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में की गई टिप्पणी पर कार्रवाई नहीं करने के लिए भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा।
ऑपरेशन सिंदूर पर उच्च सदन में विशेष चर्चा में भाग लेते हुए द्रमुक के तिरुचि शिवा और आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह ने कर्नल कुरैशी पर मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा की गई टिप्पणी का मुद्दा उठाया।
कर्नल कुरैशी को ‘महान महिला’ बताते हुए शिवा ने कहा, ‘‘उनकी तुलना आतंकवादियों, पाकिस्तान के आतंकवादियों की बहन से की गयी।’’
उन्होंने कि अदालतों ने भी इसकी निंदा की है, ‘‘क्या भाजपा ने इसकी निंदा की? क्या प्रधानमंत्री ने, देश का नेतृत्व करने वाले नेता ने इसकी निंदा की?’’
शिवा ने कहा कि कर्नल कुरैशी मुस्लिम हैं, इसलिए उन्हें आतंकवादी की बहन कहा जाता है और भाजपा ने इसके बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि वह अब भी मंत्री हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने हमें अपने बहादुर सैनिकों की सराहना करने के लिए कहा, हमने वैसा ही किया। आपने हमें उनके सम्मान में झुकने के लिए कहा और हमने झुककर सलाम किया। आपने क्या किया? मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री कहते हैं कि भारतीय सेना की बहादुर अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी आतंकवादियों की बहन हैं!’ ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस वार्ता के दौरान कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने देशव्यापी ख्याति प्राप्त की थी।
आप सदस्य ने कहा कि जब देश के विदेश सचिव की बेटी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गयी तब भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। सिंह ने सरकार से कहा, ‘आप अपने लोगों की भी रक्षा नहीं कर सकते।’
राजद सदस्य एडी सिंह ने कहा कि करगिल से लेकर पहलगाम तक की घटनाएं खुफिया विफलता के कारण हुईं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केवल खाली इमारतों को निशाना बनाया गया था और अनुमान है कि हमलों में कोई आतंकवादी नहीं मारा गया।
अन्नाद्रमुक सदस्य एम थंबीदुरई ने कहा कि भारत से कड़ी मार झेलने के बाद पाकिस्तान ने संघर्षविराम का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘ट्रंप… अमेरिका में भी लोग उनकी बातों पर विश्वास नहीं करते, यह एक सच्चाई है।’’
मनोनीत सदस्य हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत के सटीक हमलों में 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा कि क्वाड और ब्रिक्स जैसे समूह और यहां तक कि सऊदी अरब जैसे देश भी भारत के पक्ष में बोल रहे हैं।
जद (यू) के संजय कुमार झा ने कहा कि पहले की सरकार के समय सिर्फ़ दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान होता था, लेकिन अब भारत ने अपनी नीति बदल ली है और ऐसी किसी घटना पर सख्त कार्रवाई करता है।
भाषा अविनाश माधव
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