हैदराबाद, 31 जुलाई (भाषा) तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि बीआरएस विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रति मिलने के बाद वह कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श लेंगे और आगे की कार्रवाई करेंगे।
सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के 10 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर तीन महीने के भीतर फैसला करने के शीर्ष अदालत के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसाद कुमार ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के भाषणों के अनुसार, अदालतें राष्ट्रपति और विधानसभा अध्यक्ष से सवाल नहीं कर सकतीं।
प्रसाद कुमार ने फोन पर ‘पीटीआई-भाष’ से कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के आदेश की पूरी प्रति मिलने के बाद हम कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करेंगे। हम आपको आगे की कार्रवाई के बारे में बताएंगे।’’
एक प्रश्न का उत्तर देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने पहले ही उन बीआरएस विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है जो कांग्रेस में शामिल हो गए हैं, लेकिन उन्होंने जवाब देने के लिए कुछ समय मांगा है।
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वह सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हो चुके बीआरएस के 10 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर तीन महीने के भीतर फैसला करें।
न्यायालय ने कहा कि अगर राजनीतिक दलबदल पर अंकुश नहीं लगाया गया तो यह लोकतंत्र को बाधित कर सकता है।
भाषा संतोष रंजन
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