मुंबई, 31 जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मीठी नदी से गाद निकालने से जुड़े 65 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से संबंधित धन शोधन जांच के तहत बृहस्पतिवार को मुंबई में कई ठिकानों पर छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि शहर में कुछ ठेकेदारों से जुड़े लगभग आठ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है, जिन्होंने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को गाद की डंपिंग के सिलसिले में कथित तौर पर झूठे समझौता ज्ञापन (एमओयू) सौंपे थे।
ईडी ने पहले इस मामले में अभिनेता डिनो मोरिया, उनके भाई सैंटिनो, कुछ ठेकेदारों और कंपनियों के अलावा कुछ बीएमसी अधिकारियों के परिसरों पर छापेमारी की थी।
ईडी का यह मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से मई में दर्ज की गई एक प्राथमिकी से उपजा है, जिसमें ठेकेदारों और नगर निगम अधिकारियों सहित 13 लोगों के खिलाफ मीठी नदी की सफाई के लिए 2017-2023 तक दिए गए ठेकों में कथित तौर पर 65.54 करोड़ रुपये का घोटाले करने का आरोप लगाया गया है।
मीठी नदी मुंबई से होकर बहती है और महानगर के लिए वर्षा जल निकासी चैनल के रूप में काम करती है।
बीएमसी पर साल 1997 से 2022 तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना का नियंत्रण था। 2022 में आम सभा की समाप्ति के बाद नगर निकाय का नियंत्रण महाराष्ट्र सरकार के पास चला गया, जिसका नेतृत्व उस समय एकनाथ शिंदे कर रहे थे।
पुलिस ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि बीएमसी अधिकारियों ने गाद निकालने से जुड़े ठेके के लिए निविदा को इस तरह से तैयार किया था कि इससे मशीनरी के एक विशेष आपूर्तिकर्ता को लाभ हो।
पुलिस ने दावा किया है कि मुंबई से गाद के परिवहन के लिए ठेकेदारों ने कथित तौर पर फर्जी बिल बनाए थे। ईओडब्ल्यू और ईडी ने इससे पहले मामले में डिनो मोरिया और उनके भाई सैंटिनो समेत कई अन्य लोगों से पूछताछ की थी।
भाषा संतोष पारुल
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