नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को बताया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा संचालित ‘युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम’’ (युविका) में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभावान छात्र हिस्सा लेते हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि ‘‘युविका’’ का उद्देश्य स्कूली छात्रों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीक और अनुप्रयोगों की बुनियादी जानकारी देना है।
डॉ. सिंह ने बताया कि देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्रतिभाशाली छात्रों का चयन ‘‘युविका’’ के लिए किया गया। चयन उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और सह-पाठ्य गतिविधियों के आधार पर किया गया।
उन्होंने बताया कि ‘‘युवावस्था में ही जानकारी देने’’ की सोच के साथ शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते रुझानों के प्रति जागरूकता पैदा करना है, ताकि वे भविष्य में एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित) आधारित शोध या करियर की ओर प्रेरित हों।
मंत्री ने बताया कि युविका 2025 के तहत छात्रों को तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया जो क्रमश: शैक्षणिक सत्र, प्रायोगिक गतिविधियां तथा फील्ड विजिट हैं।
सिंह ने बताया कि शैक्षणिक सत्र के तहत छात्रों को विशेष रूप से तैयार की गई पाठ्य सामग्री के माध्यम से अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीक के बुनियादी सिद्धांतों से अवगत कराया गया। इस दौरान इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने व्याख्यान भी दिए।
प्रायोगिक गतिविधियाँ सत्र के तहत छात्रों को सीएएनएसएटी, डीआईवाय (अपने आप करें) रॉकेट व सैटेलाइट किट, ड्रोन व रोबोटिक किट जैसे उपकरण प्रदान किए गए ताकि वे प्रयोगात्मक तरीके से सीख सकें।
फील्ड विज़िट सत्र में विद्यार्थियों को इसरो की विभिन्न इकाइयों के साथ-साथ निकटवर्ती स्टार्टअप कंपनियों और तकनीकी उद्योगों का भ्रमण भी कराया गया, जिससे उन्हें अत्याधुनिक अंतरिक्ष तकनीक के बुनियादी ढांचे का प्रत्यक्ष अनुभव हो सके।
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश