नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने 10 मई को अपने भारतीय समकक्ष से गोलीबारी और सैन्य गतिविधियां रोकने का अनुरोध किया था, जिस पर उसी दिन बाद में सहमति बनी थी। भारत ने कहा कि यह सहमति दोनों डीजीएमओ के बीच सीधे तौर पर बनी थी।
विदेश राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
आईयूएमएल सदस्य हारिस बीरान ने उनसे सवाल किया था, ‘‘ क्या यह सच है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम वार्ता में किसी तीसरे पक्ष द्वारा हस्तक्षेप किया गया था?’’
इसके जवाब में सिंह ने कहा, ‘‘जी नहीं। 10 मई 2025 को, पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक ने अपने भारतीय समकक्ष से गोलीबारी और सैन्य गतिविधियां बंद करने का अनुरोध किया, जिस पर उसी दिन सहमति दी गई। यह समझौता दोनों डीजीएमओ के बीच सीधे तौर पर हुआ।’’
बीरान ने यह सवाल भी किया कि क्या युद्ध विराम के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच किसी द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
इसके जवाब में सिंह ने कहा, ‘‘जी नहीं।’’
एक दिन पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च सदन में आपरेशन सिंदूर पर हुई विशेष चर्चा का जवाब देते हुए कहा था, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर किसी के कहने पर नहीं रोका गया। पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया और वहां के डीजीएमओ ने कॉल करके कहा…’बहुत हो गया, अब कृपया इसे रोक दीजिए’।’’
भाषा अविनाश माधव
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