नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 31 जुलाई (भाषा) मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोपों में छत्तीसगढ़ में दो ननों की गिरफ्तारी को लेकर केरल में मचे बवाल के बीच कांग्रेस नीत गठबंधन यूडीएफ के एक सांसद ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि ननों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के घटक दलों के सांसदों ने छत्तीसगढ़ में दो ननों की गिरफ्तारी मामले को लेकर गृह मंत्री से नयी दिल्ली में मुलाकात की तथा उनकी तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित केरल के सभी राजनीतिक दलों ने गिरफ्तार ननों के प्रति अपना समर्थन जताया है, जिन्हें भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में हिरासत में लिया गया है।
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि शाह ने आश्वासन दिया है कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दो ननों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
प्रेमचंद्रन ने संवाददाताओं से कहा कि केरल के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर शाह से मुलाकात की।
सांसद ने कहा कि अमित शाह ने उन्हें आश्वासन दिया कि दोनों ननों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सभी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि बैठक के दौरान शाह की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि उनका मानना है कि नन निर्दोष हैं।
प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ है कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित एक सत्र अदालत ने ननों का मामला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत में स्थानांतरित कर दिया, जो आतंकवाद से संबंधित मामलों की सुनवाई करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह किसी भी पक्ष को सुने बिना किया गया। वास्तव में ऐसा करने की कोई आवश्यकता नहीं थी।’’
सांसद ने कहा कि बैठक के दौरान शाह ने उन्हें यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार मामले को वहां से स्थानांतरित करने के लिए एनआईए अदालत में याचिका दायर करेगी।
उन्होंने बताया कि गृह मंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य सरकार को ननों की जमानत याचिका का विरोध नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रेमचंद्रन ने कहा, ‘‘इसलिए हमें 99 प्रतिशत उम्मीद है कि ननों को आज ही जमानत मिल जाएगी। केंद्र सरकार और गृह मंत्री ने इस मामले में अनुकूल रुख अपनाया है।’’
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि करीब 28 सांसदों ने बुधवार को पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा और फिर अमित शाह से मुलाकात की।
उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि दोनों ननों की जल्द रिहाई हो।’’
केरल की नन प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस को सुखमन मंडावी के साथ 25 जुलाई को राज्य के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने स्थानीय बजरंग दल के एक पदाधिकारी की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया था।
बजरंग दल कार्यकर्ता ने उन पर आदिवासी बहुल नारायणपुर जिले की तीन युवतियों का जबरन धर्मांतरण और उनकी तस्करी करने का आरोप लगाया था।
भाषा सुरभि अविनाश
अविनाश