नयी दिल्ली, एक अगस्त (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संसद को बताया कि भारतीय रेल की 1078 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण है और 4930 हेक्टेयर भूमि का वाणिज्यिक उपयोग किया जा रहा है।
रेल मंत्री वैष्णव ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, ‘‘भारतीय रेल के पास कुल भूमि लगभग 4.90 लाख हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 0.22 प्रतिशत (1078 हेक्टेयर) भूमि अतिक्रमण के अधीन है और लगभग एक प्रतिशत (4930 हेक्टेयर) भूमि का वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जा रहा है।’’
उन्होंने वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए उपयोग की जाने वाली भूमि और वहां से रेल द्वारा अर्जित राजस्व का वर्ष-वार विवरण भी साझा किया। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में 2104.44 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में 1733.24 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।
रेल मंत्री ने बताया कि 2023-24 में यह राशि बढ़कर 2699.87 करोड़ रुपये और 2024-25 में 3129.49 करोड़ रुपये हो गई।
भाषा अविनाश मनीषा
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