कोच्चि, दो अगस्त (भाषा) प्रख्यात मलयालम साहित्यकार, समीक्षक, शिक्षाविद, लेखक और पूर्व विधायक एम के सानू का शनिवार को यहां एक निजी अस्पताल में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि सानू की तबीयत बिगड़ने के बाद पिछले कुछ दिनों से उनका गहन चिकित्सा इकाई में इलाज जारी था।
केरल के सांस्कृतिक हलकों में सानू को कई पीढ़ियों के छात्रों के लिए एक सम्मानित शिक्षक और मार्गदर्शक के तौर पर देखा जाता था।
तटीय अलप्पुझा जिले के थम्पोली में जन्मे सानू ने मलयालम में स्नातकोत्तर की पढ़ाई में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने अपना कैरियर एक स्कूल शिक्षक के रूप में शुरू किया और बाद में राज्य के कई प्रतिष्ठित कॉलेज में संकाय सदस्य के रूप में कार्य किया।
सानू की साहित्यिक यात्रा 1958 में उनकी पहली पुस्तक ‘अंचु शास्त्र नायकनमार’ के प्रकाशन के साथ शुरू हुई। अपने दशकों लंबे लेखन करियर में उन्होंने 40 से अधिक पुस्तकें लिखीं, जो अपनी काव्यात्मक भाषा और बौद्धिक गहराई के लिए विख्यात हैं।
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, विपक्ष के नेता वी डी सतीशन और सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी सहित विभिन्न नेताओं ने सानू के निधन पर शोक जताया।
भाषा शफीक अमित
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