भुवनेश्वर, तीन अगस्त (भाषा) पुरी जिले में बदमाशों द्वारा कथित तौर पर आग के हवाले की गई 15 वर्षीय लड़की की दिल्ली स्थित एम्स में मौत के एक दिन बाद रविवार को विपक्षी बीजद और कांग्रेस ने ओडिशा की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए पुलिस की ‘‘भूमिका’’ पर सवाल उठाए, जिसने दावा किया कि किशोरी को आग लगाने में कोई भी शामिल नहीं था।
अलग-अलग प्रेस वार्ता में दोनों दलों की महिला नेताओं ने ओडिशा पुलिस के इस बयान को खारिज कर दिया कि लड़की को आग लगाने में कोई अन्य व्यक्ति शामिल नहीं था।
ओडिशा विधानसभा में विपक्ष की मुख्य सचेतक और बीजू जनता दल (बीजद) नेता प्रमिला मलिक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि अपराधियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को घटनास्थल से ज्वलनशील पदार्थ वाली प्लास्टिक की एक बोतल मिली, लेकिन वे अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रहे। यह स्वीकार्य नहीं है।’’
मलिक ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस पहले दिन से ही अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है जो संदिग्ध रूप से सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के सदस्य हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए बयान की जानकारी नहीं है। पुलिस ने पीड़िता का बयान तीन से ज्यादा बार दर्ज किया है। इससे पता चलता है कि पीड़िता वह बयान नहीं दे रही थी जो सरकार चाहती थी।’’
ओडिशा में महिलाओं के असुरक्षित होने का आरोप लगाते हुए, पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री मलिक ने बालासोर में एक कॉलेज छात्रा की आत्मदाह से हुई मौत, गोपालपुर समुद्र तट पर एक कॉलेज छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और अब बलांग इलाके में हुई इस लड़की की मौत का उदाहरण दिया।
बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह दुखद है कि पुरी में आग से जली लड़की की मौत हो गई। लेकिन उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि ओडिशा पुलिस इसमें किसी की संलिप्तता से इनकार कर रही है, जबकि प्राथमिकी में तीन बदमाशों के नाम हैं। जांच पूरी होने से पहले ही फैसला क्यों सुनाया जा रहा है? इससे ओडिशा की महिलाओं को क्या संदेश जाता है?’’
माकपा की ओडिशा इकाई के सचिव सुरेश पाणिग्रही ने कहा, ‘‘हम महिलाओं से संबंधित सभी अपराधों, खासकर बालासोर, गोपालपुर और बलांग में हुई घटनाओं की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। उच्च न्यायालय की एक सेवानिवृत्त महिला न्यायाधीश को आयोग का नेतृत्व करना चाहिए और 60 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए।’’
कांग्रेस नेता सोनाली साहू और अन्य ने अलग से किये गये एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि उन्होंने पीड़िता से दिल्ली के एम्स में मुलाकात की थी और सर्जरी के बाद लड़की ठीक हो रही है।
साहू ने कहा, ‘‘हमारी जानकारी के अनुसार, पीड़िता शनिवार (दो अगस्त) शाम पांच बजे तक ठीक थी। लेकिन उसके बाद जो हुआ वह स्वीकार्य नहीं है। लड़की की मौत के पीछे कोई साजिश लग रही है। अगर लड़की की हालत स्थिर नहीं थी, तो पुलिस 15 दिनों में चार बार और सबसे हालिया 30 जुलाई को उसका बयान कैसे दर्ज कर सकती है?’’
इस बीच, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने कहा कि अगर पुलिस सात दिनों के भीतर दोषियों को पकड़ने में नाकाम रहती है तो पार्टी डीजीपी कार्यालय का घेराव करेगी।
भाषा शफीक प्रशांत
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