बेंगलुरु, चार अगस्त (भाषा) सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में अनुसूचित जातियों के लिए आंतरिक आरक्षण पर गठित एक सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एच. एन. नागमोहन दास ने सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्दरमैया को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
सिद्दरमैया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि रिपोर्ट सात अगस्त को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में पेश की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट सौंप दी गयी है। सात अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक है, जहां हम इसे पेश करेंगे और इस पर निर्णय लेंगे।’’
न्यायमूर्ति दास ने कहा कि उन्होंने 1,766 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है।
उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में राज्य के अनुसूचित जाति के 27,24,768 परिवारों और 1,07,01,982 व्यक्तियों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इस समय यह राज्य सरकार की संपत्ति है। इस पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं है। इसकी विषय-वस्तु और इसे स्वीकार करने या अस्वीकार करने का निर्णय पूरी तरह से राज्य सरकार पर निर्भर करता है।’’
उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने कहा कि राज्य सरकार ने एक जनवरी, 2025 को उनकी अध्यक्षता में आयोग का गठन किया था और 27 मार्च को उन्होंने एक अंतरिम रिपोर्ट पेश की थी जिसमें कहा गया था कि आंकड़ों में स्पष्टता का अभाव है और उन्होंने नए सिरे से सर्वेक्षण की सिफारिश की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘उसी दिन, राज्य मंत्रिमंडल ने भी नए सिरे से सर्वेक्षण का आदेश दिया।’’ उन्होंने कहा कि पांच मई से छह जुलाई तक सर्वेक्षण हुआ।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, न्यायमूर्ति दास ने इस काम के लिए किसी भी प्रकार का पारिश्रमिक या मानदेय नहीं लिया।
भाषा
गोला मनीषा
मनीषा