देहरादून, चार अगस्त (भाषा) उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के बहादराबाद कस्बे में एक निजी अस्पताल के खिलाफ दो महिलाओं के प्रसव में कथित तौर पर लापरवाही बरते जाने और उसके कारण उनकी मृत्यु होने के आरोप में मुकदमा दर्ज करते हुए उसे सील कर दिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने सोमवार को बताया कि ‘मां गंगा मैटरनिटी एंड आई केयर अस्पताल’ के खिलाफ यह कार्रवाई महिलाओं के पतियों द्वारा पुलिस को दी गयी तहरीरों के आधार पर की गयी।
उन्होंने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
डोबाल ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में अस्पताल को सील कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि मृत महिलाओं के परिजनों द्वारा अस्पताल पर लगाए जा रहे इलाज में लापरवाही के आरोपों को देखते हुए जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के स्तर से भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र की मीनाक्षी (30) को रविवार को अस्पताल में प्रसव हेतु भर्ती कराया गया था जहां दोपहर 12 बजे उसने एक बेटे को जन्म दिया । चिकित्सकों ने परिजनों को मां और बच्चे दोनों के स्वस्थ होने की जानकारी दी । शाम चार बजे डॉक्टरों ने मीनाक्षी को खून की कमी होने की बात बतायी जिसके लिए खून का इंतजाम किया गया लेकिन इसी बीच उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसकी मृत्यु हो गयी ।
रविवार को ही दूसरी घटना रुड़की निवासी खुश्बू के साथ हुई जिसने अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए एक बच्ची को जन्म दिया । प्रसव के कुछ ही देर बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी और उसकी भी मृत्यु हो गयी।
एक ही दिन में हुईं दो घटनाओं के बाद मृत महिलाओं के परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से परिजनों को समझाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया ।
भाषा दीप्ति राजकुमार
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