अमेठी (उप्र), चार अगस्त (भाषा) अमेठी जिले के थाना भाले सुल्तान शहीद स्मारक के गांव नेवादा में तेंदुए की मौत ‘सेप्टीसीमिया’ (रक्त संक्रमण) बीमारी और हृदयगति रुकने से हुई। जिले के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि झिंगूरी पशुशाला में रविवार को एक तेंदुए की मौत हुई थी, जिसके पोस्टमार्टम से पता चला है कि उसकी मौत ‘सेप्टीसीमिया’ बीमारी से हुई है।
तेंदुए ने शनिवार को मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के कादूनाला के भैदपुर निवासी बलदेव, विजय कुमार और बिरईपुर के छोटेलाल पर हमलाकर उन्हें घायल कर दिया था।
इस घटना के बाद पुलिस, वन विभाग व प्रशासन की टीम ने करीब 36 घंटे तक अभियान चलाया पर सफलता नहीं मिली।
रविवार सुबह तेंदुआ एक ग्रामीण की पशुशाला में मृत पाया गया था जिसके बाद अंदेशा लगाया जा रहा था कि ग्रामीणों के हमले से उसकी मौत हुई है, जबकि गांव के कुछ लोग यह भी कयास लगा रहे थे कि भैंस के पैर के नीचे दब जाने से घायल होकर उसकी मौत हुई।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रणबीर मिश्रा ने बताया कि तेंदुए का पोस्टमार्टम लखनऊ से आए डॉ. हेमंत कुशवाहा, डॉ. बृजेन्द्र, डॉ. बृजेश पांडेय और डॉ. सुशील के पैनल ने किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत का कारण ‘सेप्टीसीमिया’ से दिल का दौरा पड़ने और श्वसन तंत्र के फेल हो जाना पाया गया।
उन्होंने बताया कि बिसरा जांच के लिए लैब भेजा गया है।
चिकित्सकों का कहना है कि ‘सेप्टीसीमिया’ एक गंभीर चिकित्सकीय स्थिति है जिसे आमतौर पर ‘रक्त संक्रमण’ भी कहा जाता है। यह तब होता है जब किसी संक्रमण के कारण बैक्टीरिया या अन्य रोगाणु रक्त में प्रवेश कर जाते हैं और पूरे शरीर में फैल जाते हैं।
भाषा सं आनन्द खारी
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