नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी ने सोमवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की रिहाई की याचिका का विरोध किया।
विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल ने जेम्स की रिहाई की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें दलील दी गई है कि उसने कथित अपराधों के लिए अधिकतम सात वर्ष की सजा काट ली है।
विशेष लोक अभियोजक और वरिष्ठ अधिवक्ता डी पी सिंह ने दलील दी कि मिशेल को इस आधार पर रिहा नहीं किया जा सकता क्योंकि हिरासत में बिताई गई अवधि को मौजूदा चरण में पूरा नहीं माना जा सकता।
ईडी की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक एन के मट्टा ने भी कहा कि सात साल की कैद को पूरी सजा नहीं माना जा सकता।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त के लिए तय की।
मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित कर लाया गया था और बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
इस साल 18 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने उसे सीबीआई मामले में जमानत दे दी थी। दो हफ्ते बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसे ईडी मामले में जमानत दे दी।
हालांकि, मिशेल ने जमानत बांड नहीं भरा है और वह अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण की प्रतीक्षा में तिहाड़ जेल में ही है।
भाषा आशीष सुरेश
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