मुंबई, छह अगस्त (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि असुरक्षित ऋणों के लिहाज से परिसंपत्ति गुणवत्ता को लेकर केंद्रीय बैंक को कोई चिंता नहीं है।
मल्होत्रा ने यहां मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि वित्तीय प्रणाली में एनपीए (गैर निष्पादित परिसंपत्तियां) भी संतोषजनक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुरी परिसंपत्तियों का अनुपात नहीं बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत ऋण और क्रेडिट कार्ड जैसे असुरक्षित खंड और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) में एनपीए बढ़ रहा था, लेकिन आरबीआई ने जोखिम भार बढ़ाकर कार्रवाई की, जिसका इन क्षेत्रों में ऋण वृद्धि को धीमा करने का अपेक्षित प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने कहा, ”हमने वहां ऋण वृद्धि में सुस्ती देखी है। कुल मिलाकर यह (असुरक्षित ऋण और एमएफआई में एनपीए) हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है।”
मल्होत्रा ने यह भी भरोसा दिया कि सूक्ष्म वित्त संस्थानों पर जरूरत के हिसाब से पूरा ध्यान दिया जाएगा। ये संस्थान समाज के सबसे निचले तबके की सेवा करते हैं और वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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