मुंबई, छह अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने राज्य स्थित पांच प्रमुख ज्योतिर्लिंग स्थलों की विकास योजनाओं का समय पर और कुशल तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के वास्ते पहली बार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारियों को निगरानी के लिए नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया कि इन अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे और सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को रिपोर्ट करेंगे।
इसमें कहा गया कि विकास योजनाओं को पहले ही उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में मंजूरी दी जा चुकी है, तथा सरकारी आदेश (जीआर) जारी किये जा चुके हैं।
सीएमओ के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव(एसीएस) वी. राधा को पुणे जिले के भीमाशंकर के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है जबकि श्री क्षेत्र श्री घृष्णेश्वर (छत्रपति संभाजीनगर जिला) के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के एसीएस बी. वेणुगोपाल रेड्डी नोडल अधिकारी होंगे।
बयान के मुताबिक श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वर (नासिक जिला) का कार्यभार वित्त विभाग के प्रधान सचिव सौरभ विजय संभालेंगे।
सीएमओ के मुताबिक श्री क्षेत्र औंधा नागनाथ (हिंगोली जिला) और परली वैजनाथ (बीड जिला) में होने वाले विकास कार्यों की निगरानी क्रमशः वित्त विभाग की प्रमुख सचिव ऋचा बागला और ओबीसी कल्याण विभाग के सचिव अप्पासाहेब धुलज करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक स्वीकृत परियोजनाओं और वित्तीय परिव्यय में भीमाशंकर में 11 स्वीकृत कार्यों के लिए 148.37 करोड़ रुपये, श्री घृष्णेश्वर के लिए 156.63 करोड़ रुपये, त्र्यंबकेश्वर के लिए 275 करोड़ रुपये, परली वैजनाथ के लिए 15.21 करोड़ रुपये और औंध नागनाथ के लिए 286.68 करोड़ रुपये शामिल हैं।
भाषा धीरज अविनाश
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