नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) बिम्सटेक देशों के शोधकर्ता, मरीज अधिकार के पैरोकार और नीति निर्माता राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड (एनसीजी) की वार्षिक बैठक के तहत भारत में एकत्र हुए, ताकि प्रगति की समीक्षा की जा सके और भविष्य के सहयोगात्मक प्रयासों की रूपरेखा तैयार की जा सके। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘यह पहल हमारे बिम्सटेक भागीदारों को भारत में विकसित विशेषज्ञता और कौशल के साथ कैंसर देखभाल के महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपनी दक्षता बढ़ाने में मदद करेगी।’
बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 1997 में बैंकॉक घोषणा पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी। छठा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन अप्रैल में बैंकॉक में आयोजित किया गया था।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री द्वारा बिम्सटेक देशों को कैंसर देखभाल में मदद करने के वादे के तहत भारत ने दो-तीन अगस्त को टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई में राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड की वार्षिक बैठक में बिम्सटेक देशों के वरिष्ठ चिकित्सकों और नीति निर्माताओं की मेजबानी की।’
बयान में कहा गया है कि भारत और दुनियाभर के कैंसर केंद्र निदेशकों, शोधकर्ताओं, मरीज अधिकारों के पैरोकारों और नीति निर्माताओं की बैठक में एनसीजी की पहल की व्यापकता को प्रदर्शित किया गया, प्रगति की समीक्षा की गई और भविष्य के सहयोगात्मक प्रयासों की रूपरेखा तैयार की गई।
भाषा आशीष देवेंद्र
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