नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) सरकार ने बताया कि वर्ष 2022 से जून 2025 के बीच करीब 80 लाख जन शिकायतों का निस्तारण किया है।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से 30 जून, 2025 तक कुल 7,75,240 अपीलों का निपटारा किया गया है।
डॉ. सिंह ने बताया कि सरकार ने अप्रैल 2022 में केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) को अधिक प्रभावी, समयबद्ध और नागरिकों के लिए सुलभ बनाने के लिए 10 सूत्रीय सुधार योजना लागू की थी।
उन्होंने बताया ‘‘वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 (30 जून तक) में इन सुधारों के माध्यम से 80,36,042 जन शिकायतों का निवारण किया गया है। इसके अलावा शिकायत निवारण की समयसीमा को वर्ष 2019 के 28 दिनों से घटाकर वर्ष 2025 में 16 दिन और लंबित शिकायतों की संख्या को घटाकर 62,620 किया गया है।’’
सीपीजीआरएएमएस एक केंद्रीकृत ऑनलाइन मंच है, जिसके जरिए नागरिक केंद्र सरकार के विभागों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
डॉ. सिंह ने बताया कि 23 अगस्त 2024 को सरकार ने जन शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए समग्र दिशानिर्देश जारी किए, जिनमें शिकायतों के निपटारे की समयसीमा को 30 दिन से घटाकर 21 दिन कर दिया गया है।
उनके अनुसार, इन दिशानिर्देशों के तहत सभी शिकायत पोर्टलों के एकीकरण की व्यवस्था, हर मंत्रालय/विभाग में समर्पित शिकायत प्रकोष्ठ की स्थापना, अनुभवी और सक्षम नोडल व अपीलीय अधिकारियों की नियुक्ति, जन प्रतिक्रिया के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई और मूल कारणों की पहचान और शिकायतों के तीव्र और प्रभावी निवारण के लिए प्रणाली को मजबूत करना शामिल है।
डॉ सिंह ने बताया कि 30 जून, 2025 तक, फीडबैक कॉल सेंटर ने 23 लाख से अधिक सर्वेक्षण पूरे किए हैं। अपील की व्यवस्था इस तरह है कि नागरिकों को यदि समाधान से संतुष्टि नहीं हो, तो वे अपील भी कर सकते हैं। इसके लिए 90 नोडल अपीलीय अधिकारी और 1,597 उप-अपीलीय अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
भाषा मनीषा माधव
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