नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर मुफ्त पानी और बिजली को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और दावा किया कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने शहर के लिए संपत्ति निर्माण पर पैसा खर्च करने के बजाय विज्ञापनों पर खर्च किया।
सोमवार को विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट को लेकर उन्होंने सदन में दावा किया कि रिपोर्ट ने आप सरकार की पोल खोल दी है।
सोमवार को मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि आप के शासन में 2023-24 में दिल्ली सरकार का राजस्व अधिशेष इसके पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत कम हो गया था।
उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023-24 के लिए दिल्ली के वित्त लेखा और विनियोग लेखा पर कैग रिपोर्ट लोक लेखा समिति को भेजी जाएं।
गुप्ता ने आरोप लगाया, ‘‘आप ने दिल्ली को धोखा दिया। आपने सड़कें नहीं बनाईं, सीवर लाइनें या स्कूल और अस्पताल नहीं बनाए। आपने विज्ञापनों पर बहुत अधिक खर्च किया।’’
जैसे ही आप विधायकों ने मुख्यमंत्री के दावों का विरोध करना शुरू किया, विपक्षी दल के चार विधायकों – अनिल झा, कुलदीप कुमार, प्रेम चौहान और जरनैल सिंह को सदन से बाहर निकाल दिया गया।
गुप्ता ने दावा किया कि सत्ता में रहते हुए आप ने लोगों को मुफ्त चीजें दीं और इसे इस तरह पेश किया जैसे ‘‘वे इसे अपनी जेब से खर्च कर रहे हों।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वे दावा करते हैं कि केंद्र ने धन नहीं दिया। लेकिन उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र द्वारा दिए गए धन का कभी इस्तेमाल नहीं किया।’’
रिपोर्ट में बताया गया है कि हालांकि सरकार की राजस्व प्राप्तियां कम हुई हैं, लेकिन मौजूदा कीमतों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) पिछले पांच वर्षों के दौरान औसतन 8.79 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जो 2019-20 में 7.93 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 11.08 लाख करोड़ रुपये हो गया।
भाषा वैभव नरेश
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