नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य सरकार के कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए ‘उकसाने’ का आरोप लगाया और आयोग से मतदाता सूची में ‘धांधली’ में कथित रूप से शामिल चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।
पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी के सह-प्रभारी अमित मालवीय के नेतृत्व में भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बनर्जी की टिप्पणी को आयोग के संज्ञान में लाया और उन पर राज्य सरकार के कर्मचारियों को ‘आज्ञा का उल्लंघन’ करने के लिए ‘धमकाने’ का आरोप लगाया।
इसके साथ ही, प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से बंगाल में कानून का शासन सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
ममता ने राज्य सरकार के उन चार अधिकारियों का समर्थन किया, जिनके खिलाफ आयोग ने पश्चिम बंगाल के दो जिलों के लिए मतदाता सूची तैयार करते समय कथित रूप से अपने कर्तव्यों का पालन न करने और चूक के लिए निलंबन आदेश जारी किया है। इसके बाद भाजपा ने मुख्यमंत्री पर यह आरोप लगाया।
निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को राज्य सरकार को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
बैठक के बाद मालवीय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज भाजपा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्चाचन आयोग से मुलाकात की। हमने आयोग से अनुरोध किया कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सरकार के कर्मचारियों को अवज्ञा के लिए प्रेरित करने संबंधी बयानों की जांच करे।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमने आयोग से यह भी अनुरोध किया कि वह बंगाल में कानून का शासन सुनिश्चित करे और मतदाता सूची में हेराफेरी करने वाले अधिकारियों से कानून और नियमों के अनुसार निपटा जाए।’’
मालवीय ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने निर्चाचन आयोग से बनर्जी द्वारा दिए गए ‘असंवैधानिक बयानों’ पर गौर करने का अनुरोध किया।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘हमने आयोग को बताया कि कैसे ममता बनर्जी राज्य के कर्मचारियों को आयोग के आदेशों का उल्लंघन करने के लिए उकसा रही हैं।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘निर्चाचन आयोग ने हमें आश्वासन दिया है कि वह (इस मामले में) सभी आवश्यक कदम उठाएगा।’’
निर्वाचन आयोग के चार अधिकारियों के निलंबन के आदेश पर सवाल उठाते हुए, ममता ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उनकी सरकार अपने कर्मचारियों के साथ खड़ी है।
कोलकाता में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि निर्चाचन आयोग चुनावों की घोषणा की तारीख से ही कार्रवाई कर सकता है। चुनावों में अभी बहुत समय बाकी है… क्या उन्हें लगता है कि वे एनआरसी (राष्ट्रीय नागरक पंजी) के नाम पर किसी को भी धमका सकते हैं।’’
भाषा रंजन रंजन अविनाश
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