(नेहा मिश्रा)
नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सार्वजनिक स्थलों पर कबूतरों को दाना नहीं डालने की अपील कर सकता है, क्योंकि इससे (दाना डालने से) उनकी बीट के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होने की आशंका है।
एक अधिकारी के अनुसार, नगर निगम अगले दो हफ्तों में इस मामले में एक परामर्श जारी करेगा। अधिकारी ने बताया कि यह कदम कबूतरों के मल (बीट) के लंबे समय तक संपर्क में रहने से होने वाली श्वसन संबंधी बीमारियों से जुड़ी चिंताओं को लेकर उठाया जा रहा है।
परामर्श में सड़क, फुटपाथ, बालकनी और छतों पर कबूतरों को दाना ना डालने के लिए जनता से सहयोग का अनुरोध किया जाएगा।
अधिकारी ने कहा, ‘‘फिलहाल हमें नहीं लगता कि सख्त नियमों का पालन करने की जरूरत है। लेकिन अगर समस्या बनी रहती है, तो हम भविष्य में अतिरिक्त उपायों पर विचार कर सकते हैं।’’
यह परामर्श इस मुद्दे की न्यायिक जांच की पृष्ठभूमि में जारी किया जाएगा। इस वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार, एमसीडी, एनडीएमसी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को एक याचिका पर नोटिस जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि कबूतरों को दाना डालने वाले स्थानों पर सफाई के दौरान उनकी बीट धूल में मिल जाती है और अतिसंवेदनशीलता से जुड़ी निमोनिया और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बन सकती है।
चिकित्सकों ने कहा है कि कबूतरों की बीट में बैक्टीरिया और कवक हो सकते हैं जो गंभीर एलर्जी, फेफड़ों में संक्रमण और फाइब्रोसिस जैसी पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
दिल्ली में अभी तक कबूतरों से जुड़े किसी भी प्रकोप की खबर नहीं मिली है।
भाषा संतोष पवनेश
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