नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) गुरुग्राम के आईटी पार्क में छापेमारी के दौरान 33 वर्षीय व्यक्ति को कथित रूप से फर्जी मानव संसाधन भर्ती कंपनी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
आरोपी की पहचान मुनिर खान उर्फ साहिल शर्मा के रूप में हुई है जिसका संबंध देशभर में दर्ज साइबर अपराध की 85 शिकायतों से है।
पुलिस के अनुसार, मामला 22 मई को दर्ज एक चोरी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें चोरी हुआ आईफोन शिकायतकर्ता के बैंक खाते से जुड़ा था।
उन्होंने बताया, ‘‘26 मई को डुप्लीकेट सिम कार्ड हासिल करने के बाद शिकायतकर्ता को नौ अनधिकृत यूपीआई लेनदेन के अलर्ट मिले जिनकी कुल राशि 3.98 लाख रुपये थी।’’
मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, ठगी की राशि में से एक लाख रुपये तेलंगाना के एक खाते में स्थानांतरित किए गए और फिर ‘मेराकी मैनपावर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर दूसरे खाते में भेज दिए गए।
बयान के अनुसार, कंपनी के ‘केवाईसी’ सत्यापन में पता चला कि पंजीकृत पते पर कोई नहीं रहता है। लगातार निगरानी के बाद इसका संचालन गुरुग्राम से होने की पुष्टि हुई जिसके बाद हरियाणा के पलवल जिले के असोटी गांव निवासी खान को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि खान 12वीं पास है और इससे पहले उत्तम नगर में बलात्कार के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है तथा करीब साढ़े चार साल न्यायिक हिरासत में रह चुका है।
खान ने कथित तौर पर अपने सहयोगियों शुभम, मुकीम और मुंजिर के साथ मिलकर कंपनी के नाम पर खोले गए कई चालू खातों के माध्यम से साइबर अपराध से मिले धन को सफेद करने के लिए मानव संसाधन कंपनी की स्थापना की थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार बैंकों के 200 चेक और संदिग्ध धोखाधड़ी से जुड़े खातों से जुड़े चार डेबिट कार्ड बरामद किए।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के आंकड़ों से पता चला है कि कंपनी के खातों का संबंध देशभर में दर्ज साइबर अपराध की 85 शिकायतों से है। ठगी के कुल लेनदेन का आकलन किया जा रहा है।
खान के सहयोगियों की तलाश जारी है।
भाषा
राखी संतोष
संतोष