श्रीनगर, 10 अगस्त (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) नेता वहीद पारा ने रविवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा आतंकवाद पीड़ितों के पुनर्वास के फैसले की सराहना की, लेकिन उन्होंने आग्रह किया कि आतंकवादियों और स्वयं राज्य के कारण पीड़ित हुए लोगों में भेदभाव न किया जाए।
पारा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आतंकवाद पीड़ितों के पुनर्वास का उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का फैसला उन परिवारों को सांत्वना देने की दिशा में एक मानवीय कदम है, जिन्होंने इसकी भारी कीमत चुकाई है। वर्षों के कठोर रुख के बाद, प्रशासन ने आखिरकार यह मान लिया है कि केवल कठोरता और शासन से दिल नहीं जीते जा सकते। कश्मीर और कश्मीरियों को राष्ट्र के करीब लाने के लिए करुणा भी उतनी ही जरूरी है।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘लेकिन राजनेता होने का मतलब है कि हिंसा के सभी पीड़ितों को मान्यता दी जाए- चाहे ऐसे लोगों को आतंकवादियों ने, गैर-सरकारी तत्वों ने या खुद राज्य ने नुकसान पहुंचाया हो। सुरक्षा बलों की गलतियों से बिखरे परिवारों की अनदेखी की जाती है और उन्हें कोई राहत नहीं मिलती। ऐसी घटनाओं में मारा गया हर व्यक्ति राष्ट्र-विरोधी नहीं होता। अगर पुनर्वास चुनिंदा तरीके से होगा, तो फिर इन पीड़ितों को कहां जाना चाहिए? समावेशी पुनर्वास ही वास्तविक एकीकरण का एकमात्र रास्ता है।’’
वह सिन्हा की हालिया नीति पर टिप्पणी कर रहे थे जिसके तहत आतंकवादी हिंसा के पीड़ितों के निकटतम रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दी गई।
पुलवामा के विधायक पारा ने कहा कि एक समान पुनर्वास से उन सभी लोगों को राहत मिलेगी जो सहानुभूति के हकदार हैं।
भाषा राजकुमार प्रशांत
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