देचिपल्ली (आंध्र प्रदेश), 11 अगस्त (भाषा)आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले में स्थित सरकारी पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास में छह लड़कों ने कथित तौर पर नाबालिग दलित लड़के को बिजली का झटका देने की कोशिश की। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि छह आरोपी छात्रों में पांच वयस्क और एक नाबालिग हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना सात अगस्त को घटी। उसने बताया कि पीड़ित का संबंध एक नाबालिग लड़की से था और दोनों को कथित तौर अलग करने की कोशिश के कारण यह घटना घटी।
यह मामला नौ अगस्त को तब सामने आया, जब छात्रावास में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया।
पालनाडु जिले के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पी जगदीश ने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया, ‘‘छह लड़कों के एक समूह ने सरकारी छात्रावास में एक नाबालिग दलित लड़के को कथित तौर पर बिजली का झटका देने की कोशिश की।’’
पुलिस ने बताया कि अदालत ने एक नाबालिग आरोपी को 22 अगस्त तक हिरासत में भेजा गया है, जबकि बाकी आरोपियों के संबंध में अदालती फैसला लंबित है। पुलिस ने बताया कि दो आरोपी बाहरी हैं, जबकि बाकी तीन उसी छात्रावास में रहते हैं।
डीएसपी के अनुसार, पीड़ित को लड़की से रिश्ता खत्म करने की कई बार चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद उसे प्रताड़ित करने की योजना बनाई गई। आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने बिजली का झटका देने का प्रयास है, लेकिन उक्त घटना वीडियो में रिकॉर्ड नहीं हुई है।
छात्रावास प्रभारी एम दीपिका ने पुष्टि की कि व्यापक रूप से प्रसारित वीडियो में एक नाबालिग लड़के को साथी छात्रों द्वारा पीटने की घटना उनके यहां की है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा धीरज दिलीप
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