नयी दिल्ली, 13 अगस्त (भाषा) भारतीय दिवाला और ऋण शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने बुधवार को ऋण शोधन पेशेवरों के लिए अपने सतत व्यावसायिक शिक्षा दिशानिर्देशों में संशोधन किया। इसमें 2026 से अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत शिक्षण-प्रशिक्षण की आवश्यकताए शामिल की गईं।
संशोधित ढांचे के अनुसार, ऋण शोधन पेशेवरों (आईपी) को अपने पंजीकरण के वर्ष को छोड़कर, प्रत्येक साल में कम से कम 30 क्रेडिट घंटे यानी 30 घंटे कक्षा में सतत व्यावसायिक शिक्षा के पूरे करने होंगे।
संशोधनों में यह प्रावधान है कि 2026 में कुल सतत व्यावसायिक शिक्षा (सीपीई) क्रेडिट का कम-से-कम 40 प्रतिशत व्यक्तिगत कार्यक्रमों के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा, जो 2027 में बढ़कर 50 प्रतिशत और 2028 के बाद 60 प्रतिशत हो जाएगा।
सतत व्यावसायिक शिक्षा की बाध्यता तब भी लागू होगी जब कोई ऋण शोधन पेशेवर का पंजीकरण निलंबित हो गया हो, या उसके पास कार्य के लिए प्राधिकार समाप्त हो गया हो।
सतत व्यावसायिक शिक्षा क्रेडिट आईबीबीआई, दिवाला पेशेवर एजेंसियों (आईपीए) या अन्य संबंधित निकायों द्वारा आयोजित कार्यशालाओं, सम्मेलनों, सेमिनारों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रमाणपत्र कार्यक्रमों, सम्मेलनों और संगोष्ठियों जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अर्जित किए जा सकते हैं।
लेख प्रकाशित करके, व्याख्यान देकर, पुस्तकें लिखकर, या संबंधित क्षेत्रों में उच्च शैक्षणिक योग्यताएं पूरी करके अतिरिक्त क्रेडिट प्राप्त किए जा सकते हैं।
भाषा रमण अजय
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