तिरुवनंतपुरम, 15 अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को कहा कि सांप्रदायिक ताकतें भारत की मूल भावना को नष्ट करने के प्रयासों को मजबूत कर रही हैं और उन्होंने ऐसे प्रयासों को हराने के लिए सभी से एकजुट होने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सांप्रदायिक ताकतें धार्मिक और नस्लीय विभाजन पैदा करके भारत की अवधारणा को नष्ट करने के अपने प्रयासों को मज़बूत कर रही हैं। ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए, हम सभी को अपने धार्मिक और नस्लीय मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने की आवश्यकता है।’’
विजयन ने देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यहां सेंट्रल स्टेडियम में ध्वजारोहण के बाद ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद के दशकों में भारत ने कुछ समय को छोड़कर, लोकतंत्र को कायम रखा है और यह देश की सबसे बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि उसने अपने कुछ पड़ोसी देशों को सैन्य या कठपुतली शासन में बदलते देखा है।
उन्होंने कहा कि देश ने अपनी आज़ादी के 78 वर्षों में बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन अब भी कई सामाजिक समस्याएं हैं जिनका समाधान किया जाना बाकी है।
मार्क्सवादी वरिष्ठ नेता ने कहा कि अकल्पनीय यातनाएं सहने वाले और यहां तक कि अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों ने यह सब उस भारत के सपने के लिए किया था जो इन सामाजिक बुराइयों से मुक्त हो।
उन्होंने पूछा, ‘‘क्या हम उस सपनों के भारत को हकीकत बना पाए? एक ऐसा भारत जो गरीबी, भुखमरी, बाल श्रम, निरक्षरता, जातीय विभाजन, सांप्रदायिक नफ़रत और बेरोज़गारी जैसी समस्याओं से मुक्त हो — क्या हम इसे साकार कर पाए?’’
विजयन ने कहा, ‘‘हम नहीं कर पाए, यही सच्चाई है, हालांकि देश ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है और उसके लिए सराहना भी प्राप्त की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह सब बदलने के लिए खुद को पुनः समर्पित करने की जरूरत है तथा स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने की जरूरत है।’’
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद उन्होंने परेड के लिए स्टेडियम में तैनात सशस्त्र अर्धसैनिक टुकड़ियों का निरीक्षण किया।
राज्य के अन्य जिलों में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए गए और उनका नेतृत्व केरल के मंत्रियों ने किया।
भाषा गोला नरेश
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