नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ‘‘पीएम स्वनिधि योजना’’ की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना देश में रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बना रही है।
मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम संबोधन कहा कि रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक विशेष सूक्ष्म-ऋण सुविधा ‘‘आत्मनिर्भर निधि’’ लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली जमीनी योजनाओं में से एक है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आपने देखा होगा, वे (रेहड़ी-पटरी वाले) अब यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार और कर रहे हैं। अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाला इस तरह का परिवर्तन एक ऐसी सरकार को दर्शाता है जो परवाह करती है।’’
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय इस योजना को लागू कर रहा है, जिसे 2020 में रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका फिर से शुरू करने के लिए किफायती कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, जो कोविड-19 महामारी के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुई है।
इस योजना के तहत तीन किस्तों में ऋण प्रदान की जाती है- पहली किस्त 10,000 रुपये की, दूसरी किस्त पहली किस्त के पुनर्भुगतान पर 20,000 रुपये की और तीसरी किस्त दूसरे ऋण के पुनर्भुगतान पर 50,000 रुपये की।
जुलाई में संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने कहा था कि इस वर्ष 22 जुलाई तक पीएम स्वनिधि योजना के तहत 68.11 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिला है।
मंत्रालय ने इस वर्ष मार्च में लोकसभा को सूचित किया था कि कुल 30.97 लाख महिला रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि से लाभ हुआ है, जो इस योजना के तहत कुल लाभार्थियों का 45 प्रतिशत हैं।
भाषा सुरेश
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