27.3 C
Jaipur
Saturday, August 30, 2025

विदेशों बाजारों की तेजी के कारण अधिकांश तेल-तिलहन के दाम मजबूत

Newsविदेशों बाजारों की तेजी के कारण अधिकांश तेल-तिलहन के दाम मजबूत

नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) विदेशी बाजारों में शुक्रवार को मजबूती का रुख रहने की वजह से घरेलू तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतें सुधार दर्शाती बंद हुई। वहीं मंहगा बैठने वाले सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) की स्थानीय मांग कमजोर रहने से सोयाबीन तिलहन कीमत में गिरावट रही। कमजोर कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के दाम अपरिवर्तित रहे।

मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में कल काफी मजबूती थी। कल रात भी शिकागो एक्सचेंज काफी मजबूत बंद हुआ था। विदेशी बाजारों की इस मजबूती की वजह से सोयाबीन तेल, सीपीओ और पामोलीन जैसे आयातित तेल कीमतों में तेजी आई। आयातित तेलों के दाम में तेजी के असर से सरसों भी अछूता नहीं रह पाया और इसके तेल-तिलहन के दाम भी मजबूत बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि विदेशों के इस उतार चढ़ाव की स्थिति से बचने के लिए सरकार को घरेलू बाजार को दुरुस्त करना होगा और देशी तेल-तिलहनों का बाजार बनाने पर जोर देना होगा। आयात पर निर्भर होना काफी आत्मघाती हो सकता है। जैसे सोयाबीन तिलहन की खपत बढ़ाने के लिए जरुरी है कि इसके डीओसी का अपना घरेलू बाजार हो और स्थानीय मांग बढ़े। यह इस वजह से आवश्यक है क्योंकि सोयाबीन पेराई से लगभग 82 प्रतिशत डीओसी प्राप्त होता है जिसका उपयोग मुर्गीदाने के रूप में होता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को अगर खाद्यतेलों की मंहगाई के बारे में चिंता करनी है तो उसे सबसे पहले उसके अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) निर्धारण के तरीके पर नकेल लगाने के बारे में सोचना चाहिये जो समस्या की मूल जड़ है। देखा जाये तो मूंगफली जैसे खाद्यतेल के थोक दाम काफी नरम हैं पर एमआरपी की वजह से खुदरा बाजार में इन्हें मंहगे दामों पर ही बेचा जा रहा है। सरकार को मूलत: यह ध्यान रखना चाहिये कि उपभोक्ताओं को अंतत: किस दाम में खाद्यतेल मिल रहा है।

See also  फरीदाबाद : तन्नू की हत्या के आरोप में ननद काजल गिरफ्तार

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन और मूंगफली का देश में बाजार विकसित करना अपरिहार्य है। निर्यात मांग ना होने से मूंगफली तथा सुस्त कामकाज के बीच बिनौला तेल के दाम अपरिवर्तित रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,275-7,325 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 5,700-6,075 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,210-2,510 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,640-2,740 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,640-2,775 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,800 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,400 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,825-4,875 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,525-4,625 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles