अगरतला, 17 अगस्त (भाषा) त्रिपुरा में विपक्षी दल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है जबकि मुख्यमंत्री माणिक साहा स्वयं एक चिकित्सक हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रबीर चक्रवर्ती ने शनिवार को आरोप लगाया कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के बजाय राज्य में भ्रष्टाचार है और चिकित्सा लापरवाही है, जिसके कारण मौत हो रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि सरकारी और स्वतंत्र एजेंसियों की रिपोर्ट ने ‘स्वास्थ्य सेवा क्रांति’ के बहुप्रचारित दावे की ‘धज्जियां उड़ा दी हैं।’
चक्रवर्ती ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में त्रिपुरा पूर्वोत्तर राज्यों में पहले स्थान पर है जबकि इसकी जनसंख्या केवल 44 लाख है वहीं असम की जनसंख्या तीन करोड़ से अधिक है।
उन्होंने कहा कि अकेले 2023 में राज्य में मलेरिया के 22,412 मामले दर्ज किए गए जो पूर्वोत्तर के कुल मामलों का लगभग आधा है जबकि चिकनगुनिया के मामले 2023 में 1,557 से बढ़कर दिसंबर 2024 में 2,452 हो गए।
चक्रवर्ती ने कहा कि रिपोर्ट में एचआईवी के मामलों में वृद्धि का भी खुलासा हुआ है। जनवरी से नवंबर 2024 के बीच 12,660 लोगों की जांच में से 1,237 लोग संक्रमित पाए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा भर्ती में भ्रष्टाचार व्याप्त है और सरकार ने 100 में से मात्र 14-15 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को चिकित्सा अधिकारी नियुक्त कर दिया।
चक्रवर्ती ने आरोप लगाया, ‘‘राज्य सरकार की वास्तविक सुधारों के बजाय दिखावा करने में अधिक दिलचस्पी है।’’ उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
भाषा शोभना रंजन
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