इंदौर (मध्यप्रदेश), 17 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने निर्वाचन आयोग पर हमला बोलते हुए रविवार को आरोप लगाया कि आयोग सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का अंग बनकर काम कर रहा है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आयोग आरोप-प्रत्यारोप में पड़ने के बजाय कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के अन्य नेताओं के सवालों के जवाब दे।
सिंह ने आयोग के रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह बात कही। प्रेस सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मतदाता सूची में अनियमितताओं के अपने आरोपों पर सात दिन के भीतर शपथपत्र देना चाहिए, अन्यथा उनके ‘वोट चोरी’ के दावे ‘निराधार और अमान्य’ माने जाएंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंह ने इंदौर में एक पुस्तक के विमोचन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,‘‘निर्वाचन आयोग आज पूरी तरह भाजपा का एक अंग बनकर काम कर रहा है। लोकतंत्र को बचाने के लिए आवश्यकता है कि हम इस बात को हर मतदान केंद्र पर साबित करें और निष्पक्ष चुनावों के लिए मिलकर काम करें।’
सिंह ने महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों में फर्जी मतदाताओं को पंजीकृत किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि ‘सफल लोकतंत्र’ के लिए ‘निष्पक्ष चुनाव’ आवश्यक हैं।
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने प्रमाणित कर दिया है कि पूरे देश में किस तरह से ‘वोट चोरी’ हो रही है।
कार्यक्रम के बाद सिंह ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि निर्वाचन आयोग आरोप-प्रत्यारोप में पड़ने के बजाय कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर गांधी और विपक्षी दलों के अन्य नेताओं के सवालों के जवाब दे।
उन्होंने निर्वाचन आयोग के संवाददाता सम्मेलन पर निशाना साधते हुए कहा,‘‘निर्वाचन आयोग संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाने के बजाय वोट चोरी को लेकर गांधी के प्रस्तुत तथ्यों का उत्तर दे। निर्वाचन आयोग गांधी के प्रश्नों का उत्तर क्यों नहीं दे रहा है?’
सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग से विपक्षी दलों की प्रमुख मांग सिर्फ इतनी है कि उन्हें पूरे देश की मतदाता सूची की ‘सॉफ्ट कॉपी’ (डिजिटल प्रति) मुहैया कराई जाए ताकि फर्जी मतदाताओं से जुड़े अलग-अलग विषयों का समाधान हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग को बिहार में मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख नामों का विवरण देने में भला क्या आपत्ति है?
सिंह ने प्रदेश में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद असंतुष्ट नेताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच कहा कि पार्टी संगठन में सभी विषयों को ‘आपसी समन्वय और सामंजस्य’ से सुलझाया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा,’पद एक है और उम्मीदवार अनेक। हर संगठन में महत्वाकांक्षाएं होनी स्वाभाविक हैं, लेकिन हमें एक टीम के तौर पर काम करने की आवश्यकता है। इसलिए इस विवाद में पड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है कि किसको क्या मिला और क्या नहीं मिला?”
सिंह ने कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल की एक पुस्तिका का विमोचन किया। यह पुस्तिका राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर केंद्रित है।
भाषा हर्ष नोमान
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