यमुनानगर, 17 अगस्त (भाषा) हरियाणा के यमुनानगर में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रविवार को अधिकारियों को हथिनीकुंड बैराज के फाटक खोलने पड़े।
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी उफान पर है।
सिंचाई विभाग के एक अधिकारी ने यहां बताया कि इस मानसून में पहली बार हथिनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए और बैराज से 1.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे लगते हैं।
इस बीच, यमुनानगर और पड़ोसी हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के बाद रविवार को हरियाणा में सोम नदी भी उफान पर आ गई।
रविवार को नदी का तटबंध टूटने के बाद पानीवाला जैसे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। धनौरा गांव में नदी पुल के ऊपर से बहती हुई दिखाई दी। यह पुल हरियाणा के रणजीतपुर को हिमाचल प्रदेश से जोड़ता है।
यमुनानगर के अलावा हरियाणा के पंचकूला, कुरुक्षेत्र और अंबाला सहित कई स्थानों पर बारिश हुई।
चंडीगढ़ में रविवार को सुखना झील का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया, जिसके बाद झील के तीन फाटक में से एक को खोल दिया गया ताकि अतिरिक्त पानी सुखना चोह के माध्यम से बाहर निकल सके। इसका फाटक खोलने से पहले आस-पास के सभी इलाकों को सतर्क कर दिया गया था। झील के फाटक आमतौर पर खतरे के निशान 1,163 फुट पर खोले जाते हैं।
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