इंदौर (मप्र),17 अगस्त (भाषा) पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने निर्वाचन आयोग के रविवार के संवाददाता सम्मेलन को स्वागतयोग्य करार देते हुए कहा कि ‘निष्पक्ष’ कार्यप्रणाली वाले आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर आम जनमानस में व्याप्त संदेह को दूर करने के लिए इस प्रेसवार्ता के जरिये अच्छा कदम उठाया है।
रावत ने यहां ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से कहा,‘‘निर्वाचन आयोग के इस संवाददाता सम्मेलन का स्वागत किया जाना चाहिए क्योंकि एसआईआर की प्रक्रिया और अन्य विषयों को लेकर आम जनता के मन के संदेह को दूर करने के लिए आयोग ने इस सम्मेलन के जरिये अच्छा कदम उठाया है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ‘निष्पक्ष’ होकर काम करता है।
बहरहाल, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों से खड़े हुए विवाद पर तुरंत टिप्पणी से इनकार करते हुए रावत ने कहा कि उन्होंने इन आरोपों को लेकर रविवार के संवाददाता सम्मेलन के दौरान आयोग का जवाब सुना नहीं है।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त रावत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मतदाता सूचियां पहले से सार्वजनिक होती हैं, इसलिए इन्हें दोबारा सार्वजनिक किए जाने की मांग अनुचित नहीं है।
रावत ने कहा,‘‘मतदाता सूची में नाम लिखवाना लोकतंत्र को सुदृढ़ करने का कदम है। इसमें निजता का सवाल आड़े नहीं आता। निजता का सवाल तब उठता है, जब मतदाताओं की व्यक्तिगत जानकारी निहित स्वार्थ वाले किसी व्यक्ति को दे दी जाए।’’
उन्होंने फर्जी मतदान के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि किसी चुनाव में एक ही व्यक्ति के एक से अधिक बार मतदान करने की संभावना ‘नगण्य’ होती है क्योंकि मतदान केंद्र पर मतदाता के दस्तावेजों की जांच की पुख्ता व्यवस्था होती है और उसे वोट देने के लिए भेजे जाने से पहले यह भी देखा जाता है कि उसकी उंगली पर अमिट स्याही लगी है या नहीं।
भाषा हर्ष
राजकुमार
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